हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के दो क्षेत्रीय अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए। ये अधिकारी गुरुग्राम उत्तर की आकांक्षा तंवर और गुरुग्राम दक्षिण के मुकुल कुमार हैं। यह कार्रवाई प्रदूषण और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन यानी आरडब्ल्यूए की शिकायतों के बाद हुई।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुग्राम के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में यह कदम उठाया। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों के कामकाज को लेकर आई शिकायतों पर चर्चा हुई। दोनों अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके अलग-अलग आदेश HSPCB के चेयरमैन ने 2 अक्टूबर को जारी किए।
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पर्यावरण पर चूक नहीं बर्दाश्त करेगी सरकार
आदेशों के मुताबिक निलंबन के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय पंचकूला के सेक्टर 6 में HSPCB का मुख्य कार्यालय रहेगा। उन्हें लागू नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा। आदेशों पर HSPCB के चेयरमैन शेखर विद्यार्थी के हस्ताक्षर हैं। वे IAS अधिकारी हैं। आदेश 2 अक्टूबर 2026 की तारीख के हैं। आदेशों में किसी भी अधिकारी पर लगे अलग-अलग आरोपों का जिक्र नहीं है। उनमें उन शिकायतों का ब्योरा भी नहीं है, जिनके आधार पर कार्रवाई हुई।
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गुरुग्राम से ही क्यों हो रही है शुरुआत?
गुरुग्राम में तेजी से शहरीकरण और बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है। यहां वायु प्रदूषण, निर्माण स्थलों की धूल और कचरा प्रबंधन को लेकर चिंता बार-बार उठती रही है। नियमों के पालन की निगरानी और शिकायतों के निपटारे में प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों की भूमिका अहम मानी जाती है। नायब सैनी सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी।