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हरियाणा से हनीमून पर निकला कपल, बिहार में कर रहा था शराब की सप्लाई, 4 गिरफ्तार

हरियाणा से निकला एक कपल बिहार में शराब की अवैध सप्लाई कर रहा था। इस कपल की कुछ दिनों पहले ही शादी हुई थी और घूमने के नाम पर इन लोगों ने शराब बेचने का काम शुरू कर दिया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर कानून को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। इस बार तस्करों ने ऐसा तरीका अपनाया, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया। हरियाणा के रोहतक से एक नवविवाहित जोड़े समेत चार लोग खुद को परिवार के साथ घूमने निकला पर्यटक बताकर लग्जरी कार में विदेशी शराब की बड़ी खेप लेकर बिहार पहुंचे थे। उत्पाद विभाग की सटीक सूचना और त्वरित कार्रवाई ने उनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। 

 

गिरफ्तार हुए चार लोगों में दो कपल शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक नवविवाहित जोड़ा भी शामिल है, जिसकी शादी महज दो महीने पहले हुई थी। पुलिस का मानना है कि गिरोह परिवार और दंपती की आड़ लेकर जांच एजेंसियों को भ्रमित करने की कोशिश करता था ताकि किसी को उन पर शक न हो।

रेवा रोड पर बिछाया जाल, घेराबंदी में फंस गए तस्कर

उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि हरियाणा से भारी मात्रा में विदेशी शराब लेकर एक कार मुजफ्फरपुर की ओर आ रही है। सूचना मिलते ही विशेष टीम को सक्रिय किया गया और सरैया थाना क्षेत्र के रेवा रोड स्थित मुक्तिधाम के पास रणनीतिक ढंग से घेराबंदी की गई। कुछ देर बाद छपरा की ओर से आ रही एक संदिग्ध लग्जरी कार को रोककर तलाशी ली गई। शुरुआत में कार में बैठे लोगों ने खुद को परिवार के साथ यात्रा पर निकला बताया लेकिन जब वाहन की बारीकी से जांच शुरू हुई तो पूरी कहानी सामने आ गई।

 

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तलाशी के दौरान कार की सीटों के नीचे विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों और डिक्की से हरियाणा निर्मित विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार वाहन को तस्करी के लिए विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया था, ताकि सामान्य जांच में शराब का पता न चल सके। कार से कुल 1642 पीस विदेशी शराब बरामद की गई। शराब की मात्रा और तस्करी के तरीके को देखकर अधिकारियों ने अंदाजा लगाया कि यह किसी छोटे-मोटे धंधेबाज का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कर रहे थे सफर

जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ। कार पर लगा नंबर प्लेट असली नहीं था। तस्करों ने वाहन पर मुंगेर जिले का फर्जी नंबर प्लेट लगा रखा था ताकि रास्ते में पुलिस और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी में अब फर्जी नंबर प्लेट, लग्जरी वाहनों और पारिवारिक यात्राओं की आड़ लेने जैसे नए तरीके तेजी से सामने आ रहे हैं। इससे साफ है कि तस्कर लगातार अपने नेटवर्क और रणनीति को आधुनिक बना रहे हैं।

 

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी अजीत, उसकी पत्नी सोनू, दीपक और उसकी पत्नी राखी के रूप में हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि अजीत और सोनू की शादी महज दो महीने पहले हुई थी। जांच अधिकारियों के अनुसार गिरोह में महिलाओं की मौजूदगी इसलिए रखी जाती थी ताकि रास्ते में वाहन की तलाशी की संभावना कम हो और पुलिस को यह सामान्य पारिवारिक यात्रा लगे। लेकिन इस बार उनकी यह चाल काम नहीं आई।

मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक पर होनी थी डिलीवरी

पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक इलाके में कार पहुंचाकर छोड़नी थी। वहां स्थानीय तस्करों का नेटवर्क वाहन को अपने कब्जे में लेकर शराब की खेप को विभिन्न इलाकों में खपाने वाला था। अधिकारियों को आशंका है कि इस नेटवर्क की जड़ें केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई जिलों में फैली हुई हैं। गिरफ्तार तस्करों ने दरभंगा में भी पहले शराब की बड़ी खेप पहुंचाने की बात स्वीकार की है।

 

उधर उत्पाद विभाग ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई में मोतीपुर थाना क्षेत्र के नरियार इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की। विभाग को सूचना मिली थी कि तस्करों ने शराब को खेत के पास पुआल के बड़े ढेर यानी भुसकौल में छिपा रखा है। छापेमारी के दौरान टीम ने चंडीगढ़ निर्मित 150 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की। मौके से स्थानीय धंधेबाज सुनील सहनी को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद शराब की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

 

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स्थानीय नेटवर्क की तलाश में जुटी टीम

लगातार दो बड़ी कार्रवाइयों के बाद उत्पाद विभाग का मानना है कि शराब तस्करी का यह नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित है। विभाग अब गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर स्थानीय सप्लायरों, रिसीवरों और फाइनेंसरों की पहचान में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार के बीच शराब तस्करी का यह रूट कब से सक्रिय था और अब तक कितनी खेप बिहार पहुंचाई जा चुकी है।

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