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PDA के जवाब में जयंत का ABCD, अखिलेश पर बरसे- ‘ये पीड़ा और बौखलाहट है’

यूपी की राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय लोकदल के सम्मेलन में पार्टी के अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री जयंत चैधरी ने सपा प्रमुख का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग हर विवाद व झगड़े को राजनीतिक चश्मे से देखते है और राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश करते है।

Jayant chaudhary RLD

सम्मेलन में मौजूद लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चैधरी।

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उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय लोकदल के सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। जयंत ने बिना नाम लिए कहा कि कुछ लोग हर झगड़े और विवाद को भी राजनीतिक चश्मे से देखते हैं और राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश करते हैं।

 

उन्होंने पीडीए की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पीडीए नहीं, बल्कि ‘पीड़ा’ और बौखलाहट है। जयंत ने चौधरी चरण सिंह की विरासत का हवाला देते हुए जाति की राजनीति से आगे बढ़कर किसान, युवा, व्यापारी, उद्यमी, कुटीर उद्योग और शिक्षकों के मुद्दों को चुनावी राजनीति के केंद्र में रखने की बात कही।

चरण सिंह ने हर वर्ग का सम्मान करना सिखाया

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने उन्हें समाज के हर वर्ग का सम्मान करना सिखाया। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब जातिवाद के विरोधी थे और कमजोर तबके को आगे बढ़ाना चाहते थे।जयंत ने कहा कि बात अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखाधड़ी की है। यही उनकी एबीसीडी है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने उन्हें सभी का आदर करना सिखाया और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की सीख दी।

‘चौधरी साहब के कदमों पर चलना मुश्किल’

जयंत चौधरी ने कहा कि कई राजनीतिक दलों ने चौधरी चरण सिंह के नाम पर अपने संगठन बनाए और चुनाव में उनके नाम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इसे वह गलत नहीं मानते, लेकिन चौधरी साहब की तस्वीर लगाना आसान है, जबकि उनके बताए रास्ते पर चलना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने का काम किया और कई नेताओं को तैयार किया।

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अखिलेश पर निशाना- ‘सामने वाला हर हथकंडा अपना रहा’

जयंत ने सपा की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सामने वाला हर हथकंडा अपना रहा है और राजनीति को जातीय दायरे में सीमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जाति की बजाय युवा, किसान, व्यापारी, उद्यमी, कुटीर उद्योग और शिक्षक जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। जयंत ने कहा कि अब शांत रहने का समय नहीं है।

 

उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और नई सोच वाले युवाओं को आगे लाने की अपील की। जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर कोई यह कहता है कि हमने आपको सिखाया है, तो ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें चौधरी चरण सिंह ने सिखाया है।उन्होंने दावा किया कि चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। इसी दौरान उन्होंने पीडीए पर तंज कसते हुए कहा कि यह पीडीए नहीं बल्कि पीड़ा और बौखलाहट है।

जेन जी और जेन अल्फा पर भी बोले जयंत

जयंत ने बदलती पीढ़ी और संगठन में युवाओं की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जेन जी, जेन अल्फा और वह खुद जेन एक्स हैं। उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं से युवाओं को संगठन में जगह देने और उनका सहयोग करने की अपील की।उन्होंने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं के पास चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और संघर्ष की जितनी समझ है, उतनी नई पीढ़ी के लोगों के पास नहीं हो सकती। इसलिए पुराने कार्यकर्ताओं को युवाओं को संघर्ष की कहानी बतानी चाहिए।

रालोद ने साधा ब्राह्मण मतदाताओं पर निशाना

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट राजनीति के लिए पहचाने जाने वाले रालोद ने लखनऊ में सम्मेलन आयोजित कर अपने राजनीतिक विस्तार का संदेश दिया। पार्टी अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आगे निकलकर मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। रालोद के कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद के बिना नहीं बन पाएगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य अनिल दुबे ने भी कहा कि रालोद का विस्तार हो रहा है और पूर्वांचल में भी पार्टी अपने पैर जमा रही है।

बीके शुक्ला बोले- ‘प्रदेश में असली चौधरी आ गया है’

रालोद के बीके शुक्ला ने भी सम्मेलन में सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रालोद पर टिप्पणी करने वाले यह समझ लें कि प्रदेश में ‘असली चौधरी’ आ चुका है। उन्होंने प्रदेश के निजी कॉलेजों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी कॉलेज हैं और वित्तविहीन कॉलेजों को सरकार की ओर से पर्याप्त मदद नहीं मिलती। उन्होंने जयंत चौधरी से मुख्यमंत्री से मिलकर इन संस्थानों के लिए मानदेय की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया।

 

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ब्रह्मोस और आईटीआई का भी किया जिक्र

जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में रक्षा क्षेत्र और रोजगार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर में आने वाले वर्षों में ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण होगा। इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में रोजगार के लिए कौशल विकास पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार आईटीआई के नवीनीकरण की दिशा में काम हो रहा है और इसके लिए बड़ा बजट रखा गया है।

 

लखनऊ के इस सम्मेलन के जरिए रालोद ने एक साथ कई राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। एक ओर जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव और पीडीए की राजनीति पर हमला बोला, वहीं दूसरी ओर पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट राजनीति से आगे बढ़कर ब्राह्मणों समेत अन्य सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने का संकेत दिया। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले रालोद की यह रणनीति प्रदेश के बदलते राजनीतिक समीकरणों में कितना असर डालती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।


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