केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गया कॉलेज में आयोजित प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को खेलों से जुड़ने और पढ़ाई के साथ खेल को भी जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
देश की युवा पीढ़ी और ‘जेन जी’ को खेलों के लिए आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। यहीं पर उन्होंने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के लिए चीन पूरी तरह से जिम्मेदार है।
खेलो इंडिया संवाद में उन्होंने कहा कि आज देश के युवा खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा से अलग-अलग खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। गया कॉलेज पहुंचने पर मांझी ने अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया और कहा कि इसी कॉलेज से उनके जीवन की शुरुआत हुई है। उन्होंने कॉलेज की सड़कों की मरम्मत कराने और महिला छात्रावास के लिए पहले मिली 50 लाख रुपये की मंजूरी का भी जिक्र किया।
मांझी ने कहा, 'खेलो इंडिया कार्यक्रम से देश के युवाओं में नई ऊर्जा आई है। गांव-गांव के बच्चे आज खेल में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत खेल के क्षेत्र में भी विश्व गुरु बने। इसके लिए हर जिले में खेल की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बिहार में भी खेल के क्षेत्र में काफी काम हो रहा है। गया कॉलेज के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर मेडल ला रहे हैं और यह गर्व की बात है।' उन्होंने छात्रों से कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी जीवन में अपनाएं। अनुशासन और मेहनत से ही सफलता मिलती है।
इस कार्यक्रम में गया कॉलेज के प्राचार्य डॉ सतीश सिंह चंद्र, बिहार के खेल पदाधिकारी, मगध विश्वविद्यालय के एनएसएस और एनसीसी कोऑर्डिनेटर, 6/6 बिहार बटालियन के कर्नल, गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी, एनसीसी और एनएसएस के छात्र-छात्राएं, महाविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए। प्राचार्य डॉ सतीश चंद्र सिंह और अन्य लोगों ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का स्वागत किया। इस कार्यक्रम को लेकर छात्रों में काफी उत्साह देखा गया।
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चीन को बताया जिम्मेदार
वहीं नेपाल में बाढ़ की त्रासदी से भारत पर मंडरा रहे खतरे को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के लिए 100 प्रतिशत चीन जिम्मेदार है। मांझी ने कहा कि अगर चीन चाहता तो नेपाल में इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। उन्होंने इसे चीन की साजिश बताया। मांझी ने कहा कि चीन तिब्बत को अपना हिस्सा बताता है लेकिन वहां पानी को नहीं रोका गया जिसकी वजह से नेपाल में बाढ़ की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि नेपाल में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और कई मकान ढह गए हैं। इसका असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है। इसे देखते हुए बिहार के छह जिलों को अलर्ट पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि अगर चीन तिब्बत में पानी को रोकता तो नेपाल में इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। तिब्बत से ब्रह्मपुत्र और कई दूसरी नदियां निकलती हैं। मांझी के अनुसार, चीन ने वहां पानी नहीं रोका और सारा पानी नेपाल की ओर चला गया। इससे नेपाल में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी। इसका असर अब बिहार की गंडक, कोसी और बागमती नदियों पर भी पड़ रहा है। बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले अलर्ट पर हैं।
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बिहार में तैयारी तेज
मांझी ने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी
खुद हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बिहार सरकार को हर संभव मदद दी जा रही है। मांझी ने कहा कि चीन की नीति हमेशा पड़ोसी देशों को परेशान करने की रही है। नेपाल भारत का मित्र देश है और वहां की त्रासदी से भारत को भी दुख है। भारत सरकार नेपाल की मदद के लिए तैयार है। मांझी ने कहा कि बिहार में बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है और रात में नाइट पेट्रोलिंग भी की जा रही है।