झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र कई दिनों से जयपाल सिंह स्टेडियम पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये छात्र JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले अपनी मांगें रख रहे हैं। शुक्रवार को पहली बार आधिकारिक स्तर पर बातचीत हुई। छात्रों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार के चार मंत्रियों से मिला। यह बैठक राज्य अतिथि गृह में संपन्न हुई है।
छात्र नेताओं का कहना है कि बैठक का माहौल काफी सौहार्दपूर्ण रहा। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद एक प्रदर्शनकारी राजेश प्रसाद ने बताया कि बातचीत परिवार जैसे माहौल में शुरू हुई। छात्रों ने अपनी सभी प्रमुख मांगें विस्तार से रखीं। इनमें सीजीएल-जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग सबसे महत्वपूर्ण थी। मंत्रियों ने उनकी बात ध्यान से सुनी और स्वीकार किया कि ये मांगें जायज हैं।
छात्र नेताओं ने माना है कि पहले संचार की कमी के कारण मंत्रियों को छात्रों की मांगों और उनके आधार की सही जानकारी नहीं थी। अब मंत्री इन सभी बातों को मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन
के सामने पूरी संवेदनशीलता के साथ रखेंगे। छात्रों को कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई कि कब तक मांगें पूरी होंगी। इसलिए उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक सारी मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, प्रदर्शन जारी रहेगा।
छात्र नेता पीयूष कुमार ने बताया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम पहले की तरह ही होगा। जब तक अंतिम मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन नहीं रुकेगा। एक अन्य नेता रविंद्र पासवान ने भी यही बात दोहराई कि मंत्रियों ने धैर्यपूर्वक सुना और विचार करने का आश्वासन दिया, लेकिन तुरंत कोई कार्ययोजना या समयसीमा नहीं मिली। इसलिए सड़क पर प्रदर्शन जारी रहेगा।
झारखंड में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी। Photo Credit: PTI
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी छात्रों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और छात्रों की समस्याओं को समझना चाहती है। सरकार सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की बातों पर सरकार विचार कर रही है।
छात्र कर रहे हैं सरकार से बात
छात्रों ने पहले एक 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया था जिसमें 8 छात्र, 1 वकील और 2 तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने यह भी मांग की थी कि बातचीत मीडिया की मौजूदगी में हो, पहले बंद कमरे में हुई चर्चाओं से कोई नतीजा नहीं निकला था। इस बार 10 छात्रों का दल चार मंत्रियों से मिला।
पहली बैठक में सकारात्मक माहौल रहा और सरकार ने मांगों को जायज माना, लेकिन ठोस फैसला या समयसीमा नहीं दी गई। इसलिए छात्र अपना आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं और 10 अगस्त का कार्यक्रम टला नहीं है। सरकार विधानसभा घेरने की तैयारी कर रहा है।