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'सीधे CM से बात होगी, आने का वादा किया है', झारखंड में बोले प्रदर्शनकारी छात्र

झारखंड के रांची में कई दिन से आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब साफ कह दिया है कि वे इस मामले पर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही बात करेंगे। सरकार भी बातचीत के लिए तैयार है। 

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CM से बात करना चाहते हैं प्रदर्शनकारी छात्र, Photo Credit: PTI

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झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर गुरुवार को भी प्रदर्शन जारी है। सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर कुछ अधिकारी प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने के लिए राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे। अब छात्रों का कहना है कि वे कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पर बात करना चाहते हैं। अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है और छात्रों को भरोसा दिलाया गया है कि मुख्यमंत्री उनसे बात करेंगे। उधर सत्ताधारी गठबंधन में भी उथल-पुथल मची हुई है। महागठबंधन की मीटिंग में छात्रों के मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद चार मंत्रियों- दीपिका पांडेय, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा को लेकर एक कमेटी बनाई गई है। ये नेता छात्रों के मुद्दे पर नजर रखेंगे।

 

इस बैठक के बाद मंत्रियों ने कहा कि सरकार बात करने को तैयार है और छात्रों का इंतजार है कि वे बातचीत के लिए कब आते हैं। उधर, देवेंद्र कुमार महतो के अलावा पांच अन्य छात्र भी भूख हड़ताल पर हैं और कई छात्रों की सेहत भी अब खराब हो रही है। देवेंद्र कुमार महतो ने पानी पीना भी बंद कर दिया था लेकिन सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद वह बुधवार से पानी पीने पर तैयार हो गए। हालांकि, उन्होंने कहा है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती हैं तब तक उनकी भूख हड़ताल और यह आंदोलन जारी रहेगा। 

5 और आरोपी गिरफ्तार

पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों से जुड़े मामले में झारखंड पुलिस की CID ने बुधवार को 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों के बाद अब तक कुल गिरफ्तार हुए आरोपियों की संख्या 19 हो गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, रक्षक सिंह और धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। रक्षक सिंह, रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर आरोप है कि इन लोगों ने गलत तरीकों का इस्तेमाल करक JPSC की परीक्षा पास की।

 

यह भी पढ़ें: झारखंड: 25 साल में सिर्फ 14 सिविल सेवा परीक्षाएं, जानिए क्या है ताजा JPSC विवाद

इनमें से चार आरोपी झारखंड के ही रहने वाले हैं। पांचवां आरोपी रक्षक सिंह उत्तक प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है। वह परीक्षा कराने वाली कंपनी TDPL में अकाउंटेट के पद पर नौकरी कर रहा है। इतना ही नहीं, उसने JPSC की 14वीं प्रीलिम्स परीक्षा भी पास कर ली है।     

क्या मांग कर रहे हैं छात्र?

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा है, 'सरकार की ओर से SDO सर के जरिए मैसेज आया था संवाद के लिए। सरकार संवाद करने के लिए तैयार है तो हमने भी सरकार तक मैसेज पहुंचाया है कि हम भी तैयार हैं। लोकतांत्रिक देश में संवाद करना बहुत जरूरी है, संवाद से ही बात बनती है। हमारी पहली शर्त है कि हम मुख्यमंत्री से ही बात करेंगे। आश्वासन भी शायद मिल रहा है कि वह बात करेंगे। दूसरी शर्त है कि बात के समय हमारे साथ कम से कम दो पत्रकार रहें। हम मीडिया के सामने ही बात करना चाहते हैं। अभी तारीख और समय नहीं बताया गया है। हम लोग 10 बजे से पहले अपने डेलिगेशन का नाम दे देंगे तो तारीख और समय बता दिया जाएगा।'

एक और प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा है, 'हमने अपनी मीटिंग के बाद फैसला किया है कि हम बातचीत के लिए जाएंगे। हमारी मांग है कि लाइव मीडिया के सामने खुले मंच पर बात करें तो सही रहेगा क्योंकि पहले भी हमने आंदोलन किया था तो बंद कमरे में बात हुई थी और कोई निर्णय नहीं निकला था। हम नहीं चाहते हैं कि फिर से वही हो।'एक अन्य छात्र ने कहा है कि अफवाह फैलाई जा रही है कि देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन खत्म कर दिया है। छात्र ने कहा कि देवेंद्र महतो ने सोनम वांगचुक के कहने पर सिर्फ पानी पिया है।

 

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क्या बोले थे CM हेमंत सोरेन?

छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था, 'मेरे युवा साथियों की चिंताएं हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है। हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। संबंधित एजेंसियां दिन-रात जांच कर रही हैं और दोषियों को जेल भी भेजा रहा है लेकिन हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि मेरे युवा साथियों को ठोस समाधान देना है। झारखंड सरकार के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहते हैं। जिन छात्रों या अभ्यर्थियों की कोई भी मांग या सुझाव है, वे अपनी बात राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। मेरे युवा साथियों की प्रत्येक बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा।' 

बता दें कि झारखंड के जयपाल मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा रद्द करने, JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में सुधार लागू करने की 25 जुलाई से मांग कर रहे हैं। वे परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( CBI ) या राज्य से बाहर के हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों के स्वतंत्र पैनल से कराने की भी मांग कर रहे हैं। JPSC-JSSC सुधार मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा है, ‘हमारी मांगों के समर्थन में मंगलवार रात से दो महिलाओं सहित हमारे पांच साथी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।'

 

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भूख हड़ताल कर रहीं सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही है, इसलिए उन्हें इस प्रकार का आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी हबीबा ने कहा, 'मुख्यमंत्री हमारे अभिभावक जैसे हैं। जब बच्चे भूखे होते हैं तो अभिभावकों को भी पीड़ा होती है। इसलिए हमें उम्मीद है कि वह हमारी शिकायतों और मांगों पर ध्यान देंगे। मुख्यमंत्री कहते हैं कि सरकार संवेदनशील है। हो सकता है लेकिन हमें आश्वासन नहीं, कार्रवाई और न्याय चाहिए।’ बता दें कि जैसे-जैसे आंदोलन तेज़ हुआ, राज्य प्रशासन ने बातचीत के ज़रिए गतिरोध खत्म करने की कोशिशें शुरू कीं।


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