झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अभ्यर्थी प्रदर्शन 16 दिनों से धरने पर बैठे हैं। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि झारखंड में फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए यह सम्मेलन बुलाया गया है। उन्होंने कहा है कि 15 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। सरकार की तरफ से प्रतिनिधिमंडल बैठक का निमंत्रण मिला था।
शनिवार को पहली दौर की बातचीत हुई, जिसमें छात्रों ने अपनी मांगें विस्तार से और तर्क के साथ रखीं। किन परीक्षाओं को रद्द किया जाए, क्यों रद्द किया जाए, सीबीआई जांच की मांग क्यों है और सुधार क्यों जरूरी हैं ये सब स्पष्ट किया गया।
रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने ध्यान से सुना और कहा कि ये मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएंगी। दूसरी दौर की बातचीत के लिए फिर बुलाया जाएगा। अब JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के नेता रविंद्र पासवान ने दावा किया है कि रविवार को सरकार की तरफ से जो किया गया, उससे छात्र नाराज हैं।
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रविंद्र पासवान, JPSC-JSSC आंदोलनकारी:-
झारखंड के सभी छात्र एक मंच पर एकजुट हैं। सरकार को हमारी जायज मांगें जल्द से जल्द मान लेनी चाहिए; वरना, 10 तारीख को हमने जो 'विधानसभा मार्च' घोषित किया है, उसमें पूरे झारखंड से 50,000 से 1,00,000 छात्र शामिल होंगे और वह विरोध-प्रदर्शन निर्णायक होगा। हम सरकार तक यही बात पहुंचाना चाहते हैं। उस दिन जवाबदेही तय होनी चाहिए और आपको हमारी मांगों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार करना होगा।
'नकली राजनीतिक संगठनों से लिए जा रहे ज्ञापन'
रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया है कि सरकार ने करीब 6-7 अन्य संगठनों से भी ज्ञापन स्वीकार किए। उनका मकसद क्या है, यह ही साफ नहीं है। छात्र संगठनों को NSUI के ज्ञापन से ऐतराज है। उनका कहना है कि यह कांग्रेस का छात्र संगठन है? वे सड़क पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे? \
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'आंदोलन को टुकड़ों में बांट रही सोरेन सरकार'
रविंद्र पासवान का कहना है कि सरकार आंदोलन को टुकड़ों में बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि झारखंड के सभी छात्र एक मंच पर एकजुट हैं। सरकार को जल्द से जल्द वैध मांगें माननी चाहिए। नहीं तो 10 तारीख को विधानसभा मार्च में पूरे राज्य से 50 हजार से एक लाख छात्र पहुंचेंगे। वह प्रदर्शन निर्णायक होगा। उस दिन जवाबदेही तय करनी होगी और मांगों को आधिकारिक रूप से स्वीकार करना होगा।