logo

मूड

ट्रेंडिंग:

इस्कॉन पर भड़क क्यों गई है कलिंग सेना? परंपरा तोड़ने के आरोप

इस्कॉन और कलिंग सेना, एक बार फिर टकराते नजर आ रहे हैं। नए विवाद की वजह भी रथयात्रा ही है। क्या है मामला, पढ़ें रिपोर्ट में।

Jagannath Temple

जगन्नाथ मंदिर, Photo Credit- Wikipedia

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

भुवनेश्वर के सामाजिक और राजनीतिक संगठन 'कलिंग सेना' ने इस्कॉन को चेतावनी दी है। कलिंग सेना ने इस्कॉन पर भगवान जगन्नाथ की परंपरा और संस्कृति से हटकर असमय रथयात्रा आयोजित करने का आरोप लगाया है। पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने शास्त्रों के अनुसार दुनिया भर में रथयात्रा आयोजित करने की अपील की थी, लेकिन इस्कॉन ने इस अपील को कथित तौर पर खारिज कर दिया। इसके विरोध में कलिंग सेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भुवनेश्वर स्थित इस्कॉन मंदिर के सामने प्रदर्शन किया।

कलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत रथ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने साफ चेतावनी दी कि 16 जुलाई को होने वाली रथयात्रा के दौरान इस्कॉन के श्रद्धालुओं को पुरी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। हेमंत रथ ने कहा कि इस्कॉन को ओडिशा में रहने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि इस संगठन ने भगवान जगन्नाथ के पहले सेवक गजपति महाराज दिव्यसिंह देव का अपमान किया है। 

यह भी पढ़ें: 'जब देखो, तब रथयात्रा,' इस्कॉन पर जगन्नाथ प्रशासन के भड़कने की कहानी

इस्कॉन का बहिष्कार करेगी कलिंग सेना 

हेमंत रथ ने कहा है कि कि उनके कार्यकर्ता यह तय करेंगे कि पुरी और भुवनेश्वर में रथयात्रा के दौरान इस्कॉन का कोई भी व्यक्ति मौजूद न रहे। अगर इस्कॉन को जगन्नाथ संस्कृति का सम्मान नहीं है तो पुरी में उनका सम्मान क्यों किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्कॉन बार-बार अपील के बावजूद रथयात्रा के निर्धारित समय सारणी का पालन करने में लगातार विफल रहा है। कलिंग सेना पूरे ओडिशा में इस्कॉन की सभी गतिविधियों को रोकने की भी धमकी दी है।

कलिंग सेना विरोध में क्यों उतरी है?

कलिंग सेना ने इस्कॉन को जगन्नाथ रथयात्रा परंपरा भंग करने के लिए सख्त चेतावनी दी है। कलिंग सेना के कार्यकर्ता शुक्रवार को भुवनेश्वर इस्कॉन मंदिर के सामने प्रदर्शन पर उतरे। हेमंत रथ के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया गया। गजपति महाराज की अपीलपुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने शास्त्रों के अनुसार दुनिया भर में रथयात्रा आयोजित करने की अपील की थी, जिसे इस्कॉन ने कथित तौर पर मानने से इनकार कर दिया।

यह भी पढ़ें: इस्कॉन मंदिर में करोड़ों का दान किया गया पैसा लेकर फरार हुआ शख्स

कलिंग सेना की चेतावनी क्या है?

16 जुलाई की रथयात्रा के दौरान इस्कॉन श्रद्धालुओं को पुरी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। पुरी और भुवनेश्वर में इस्कॉन के किसी भी व्यक्ति को मौजूद नहीं होने दिया जाएगा। कलिंग सेना का कहना है कि इस्कॉन को ओडिशा में रहने का अधिकार नहीं क्योंकि उसने गजपति महाराज का अपमान किया है। अगर जगन्नाथ संस्कृति का सम्मान नहीं तो उनका सम्मान क्यों। पूरे ओडिशा में इस्कॉन की गतिविधियां रोक दी जाएंगी।

Related Topic:#Odisha News#ISKCON

और पढ़ें