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बढ़ गई खड़गे और सिद्धारमैया के बेटों की ताकत, DK शिवकुमार ने बांटे मंत्रालय

कर्नाटक की सरकार में भले ही डीके शिवकुमार मंत्री बने हों लेकिन सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटों को भी जबरदस्त फायदा हुआ है और दोनों का प्रमोशन हो गया है।

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यतींद्र सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, प्रियांक खड़गे, Photo Credit: ChatGPT

कांग्रेस ने कर्नाटक में अपना मुख्यमंत्री बदल दिया है। सिद्धारमैया की जगह पर मुख्यमंत्री बने डी के शिवकुमार ने शपथ ग्रहण के अगले ही दिन अपने मंत्रियों के बीच मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया है। इस बंटवारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे और पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र की ताकत में इजाफा हुआ है। अब तक सिद्धारमैया की सरकार में गृहमंत्री रहे जी परमेश्वर सिर्फ राजस्व और खेल मंत्रालय तक सीमित हो गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने अपने पास इंटेलिजेंस, वित्त विभाग और कैबिनेट अफेयर्स समेत बाकी सभी बचे हुए विभाग रखे हैं।

 

कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश जारकिहोली को पीडब्ल्यूडी, के जे जॉर्ज को ऊर्जा और पर्यटन, एमबी पाटिल को भारी और मध्यम उद्योग मंत्रालय के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलमेंट मंत्रालय, के एच मुनियप्पा को कंज्यूमर अफेयर्स के साथ-साथ फूड एंड सिविल सप्लाई, बी सुरेश को परिवहन और शरण प्रकाश पाटिल को शिक्षामंत्री बनाया गया है।


नंबर 2 बन गए प्रियांक खड़गे?

आमतौर पर किसी भी राज्य की सरकार में गृहमंत्री को मुख्यमंत्री के बाद नंबर 2 की हैसियत का माना जाता है। अब तक सिद्धारमैया की सरकार में यह विभाग ना तो मुख्यमंत्री के पास था और ना ही डिप्टी सीएम रहे डी के शिवकुमार को यह मंत्रालय दिया गया था। अब तक वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर कर्नाटक के गृहमंत्री थे। अब यह जिम्मेदारी प्रियांक खड़गे को सौंप दी गई है।

 

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कर्नाटक की सरकार में 2016 से 2018 के बीच मंत्री रह प्रियांक खड़गे तब आईटी एंड बीटी और साइंस-टेक्नॉलजी मंत्रालय संभाल रहे थे। कुछ समय तक उन्होंने समाज कल्याण विभाग भी संभाला था। 2023 से चल रही सिद्धारमैया की सरकार में वह ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग संभाल रहे थे। 2013 से ही चित्तापुर विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे प्रियांक खड़गे के संबंध सिद्धारमैया के अलावा डीके शिवकुमार से भी अच्छे रहे हैं। इसी का इनाम उन्हें मिला है और वह अब सीधे गृहमंत्री बन गए हैं।

सिद्धारमैया के बेटे को क्या मिला?

पेशे से डॉक्टर रहे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया 2018 में अपने पिता सिद्धारमैया की वरुणा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। अब वह कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं। 45 साल के यतींद्र को मंत्री बनने का मौका तब मिला है जब उनके पिता सिद्धारमैया अब राज्य की राजनीति से किनारे हो गए हैं। अब डॉ. यतींद्र को शहरी विकास मंत्रालय दिया गया है। इसी विभाग के अंतर्गत कर्नाटक शहरी जल आपूर्ति और ड्रेनेज बोर्ड, KUIDFC और तमाम शहरी निकाय भी आते हैं।

 

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इससे पहले यह मंत्रालय संभाल रहे बी सुरेश को अब परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी दे दी गई है। एक बार के विधायक और अब एमएलसी यतींद्र के लिए यह बड़ा प्रमोशन माना जा रहा है क्योंकि उन्हें बी सुरेश की जगह यह पद दिया गया है।

अन्य मंत्रियों को क्या मिला?

कृष्णा बैरेगौड़ा को शहरी निकाय दिए गए हैं जिनमें ग्रेटर बेंगलुरु डेवलमेंट, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन, बेंगलुरु साउथ सिटी कॉर्पोरेशन, बेंगलुरु ईस्ट सिटी कॉर्पोरेशन, बेंगलुरु वेस्ट सिटी कॉर्पोरेशन, बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉर्पोरेशन, BWSSB और BMRCL शामिल हैं।

 

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इसके अलावा यू टी खाडेर को स्वास्थ्य मंत्रालय, ईश्वर खांडरे को ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय दिए गए हैं। बता दें कि डीके शिवकुमार को मिलाकर कर्नाटक की नई कैबिनेट में कुल 14 मंत्री शामिल हैं। कर्नाटक में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 34 हो सकती है इसलिए अभी पूरी उम्मीद है कि मंत्रिमंडल का विस्तार आगे चलकर भी होगा।


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