राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का सरकारी बंगला भले बदल गया हो, लेकिन सियासत नहीं थमी है। 10, सर्कुलर रोड छोड़कर कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट होते ही लालू परिवार नई सियासी लड़ाई में घिर गया है। जेडीयू ने नए मकान की जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और जांच की मांग की है।
लंबे समय तक 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला बिहार की राजनीति का केंद्र रहा। हाल ही में लालू यादव और राबड़ी देवी ने यह बंगला खाली कर दिया। अब पूरा परिवार कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी मकान में रहने चला गया है। लेकिन नए घर में कदम रखते ही विवाद शुरू हो गया। सत्ताधारी जेडीयू ने सीधे लालू परिवार की संपत्ति पर सवाल उठा दिए हैं। पार्टी का आरोप है कि कौटिल्य नगर वाला मकान जिस जमीन पर बना है, उसे हासिल करने में नियमों की अनदेखी हुई है।
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'को-ऑपरेटिव के बायलॉज की उड़ाई धज्जियां'
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लालू परिवार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कौटिल्य नगर की जमीन के अधिग्रहण में को-ऑपरेटिव से जुड़े सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है। नीरज कुमार ने आरोप लगाया, इस जमीन के मामले में को-ऑपरेटिव के बायलॉज की धज्जियां उड़ाई गई हैं। नियमों को ताक पर रखकर काम किया गया है। लालू प्रसाद यादव ने कई विधायकों की जमीनें भी अपने नाम करवा लीं और उन्हें हड़प लिया।
जमीन सौदे की निष्पक्ष जांच की मांग
जेडीयू प्रवक्ता ने राज्य सरकार से पूरे जमीन सौदे की गहराई से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कागजात के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नीरज कुमार बोले, इस पूरे मामले का सच सामने आना बहुत जरूरी है। अगर जांच में किसी भी तरह की धांधली या गड़बड़ी पकड़ी जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए। किसी को भी नहीं बख्शा जाए।
10, सर्कुलर रोड से जुड़ी रही है सियासत
10, सर्कुलर रोड वाला सरकारी आवास बरसों तक बिहार की सियासत का पावर सेंटर रहा है। लालू-राबड़ी के साथ तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव भी यहीं रहते थे। यहीं से पार्टी की रणनीति बनती थी। अब जैसे ही परिवार ने यह बंगला खाली कर कौटिल्य नगर के नए घर में शिफ्ट किया, जेडीयू ने तुरंत हमला बोल दिया। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि चुनावी साल में जमीन का मुद्दा तूल पकड़ सकता है।
RJD की तरफ से अभी जवाब नहीं
जेडीयू के आरोपों पर फिलहाल आरजेडी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लालू परिवार या पार्टी के किसी बड़े नेता ने अभी तक इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, आरजेडी सूत्रों का कहना है कि जमीन पूरी तरह कानूनी तरीके से ली गई है। सभी कागजात सही हैं। पार्टी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जेडीयू के आरोपों का जवाब देगी।
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पहले भी लगे हैं जमीन के आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब लालू परिवार पर जमीन को लेकर आरोप लगे हों। इससे पहले आईआरसीटीसी घोटाला, जमीन के बदले नौकरी केस में भी परिवार का नाम आ चुका है। कई मामलों में इडी और सीबीआई जांच कर रही है। जेडीयू अब कौटिल्य नगर वाले मकान को लेकर नए सिरे से लालू परिवार को घेरने में जुट गई है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के सामने सच लाकर रहेगी।