उत्तर प्रदेश के जिला प्रयागराज में रेलवे के DRM कार्यालय में
CBI
की एंटी करप्शन विंग ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते दो रेलवे अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अधिकारियों में सहायक कार्मिक अधिकारी (APO) अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक (OS) राजेश मणि त्रिपाठी शामिल हैं। दोनों पर कानपुर में तैनात एक लोको पायलट से ट्रांसफर की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर में तैनात उत्तर मध्य रेलवे के एक लोको पायलट के ट्रांसफर से जुड़ी फाइल प्रयागराज मंडल के कार्मिक विभाग में थी। आरोप है कि फाइल को आगे बढ़ाने और ट्रांसफर की प्रक्रिया में मदद करने के बदले दोनों अधिकारियों ने लोको पायलट से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत मांगे जाने के बाद लोको पायलट ने मामले की शिकायत CBI की एंटी करप्शन विंग से की। शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले की जांच की और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।
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DRM ऑफिस में CBI ने बिछाया जाल
10 सितंबर 2026 की शाम CBI की टीम प्रयागराज के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के कार्मिक विभाग पहुंची। टीम ने शिकायतकर्ता की मदद से रिश्वत के लेनदेन के लिए जाल बिछाया। जैसे ही 50 हजार रुपये की रकम लेने की प्रक्रिया हुई, CBI ने कार्रवाई करते हुए अरविंद कुमार और राजेश मणि त्रिपाठी को पकड़ लिया। दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद DRM कार्यालय में हड़कंप मच गया। CBI टीम ने मौके से संबंधित दस्तावेज और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
गिरफ्तारी के बाद लखनऊ लाई गई टीम
कार्रवाई के बाद CBI दोनों आरोपियों को लखनऊ लेकर आई है। यहां उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। CBI अब यह भी जांच कर रही है कि लोको पायलट के ट्रांसफर से जुड़ी फाइल में दोनों अधिकारियों की क्या भूमिका थी और रिश्वत की मांग किस स्तर पर की गई।
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दूसरे कर्मचारियों की भूमिका भी जांचेगी CBI
इस कार्रवाई के बाद CBI की जांच का दायरा बढ़ सकता है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस मामले में अरविंद कुमार और राजेश मणि त्रिपाठी के अलावा किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी भूमिका थी। ट्रांसफर फाइल और उससे जुड़े विभागीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। DRM कार्यालय में CBI की कार्रवाई से रेलवे महकमे में खलबली मची हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।