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'अम्मा, शादी का कार्ड देना है...', पैर छूकर बुजुर्ग महिला को मार दी गोली

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शादी का कार्ड देने के बहाने आए बदमाशों ने बुजुर्ग महिला के पैर छूकर उनके सिर में गोली मार दी। इस घटना के पीछे 35 बीघा जमीन का विवाद बताया जा रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में तेंदुआ थाना क्षेत्र में आने वाला डेहरवारा गांव में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एक बुजुर्ग महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यहां तीन अनजान हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर रामसखी धाकड़ के घर पहुंचे थे। इन हमलावरों ने शादी का कार्ड देने के बहाने महिला को घर से बाहर बुलाया और फिर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

 

दोपहर के समय जब तीनों युवक घर के बाहर पहुंचे तो उन्होंने आवाज लगाई- 'अम्मा बाहर आओ, हमें शादी का कार्ड देना है।' जब 65 वर्षीय रामसखी धाकड़ ने दरवाजा खोला तो उन युवकों में से एक ने पहले आगे बढ़कर रामसखी के पैर छुए और उन्हें प्रणाम किया। जैसे ही वह पैर छूकर उठा, उसने अचानक अपनी बंदूक निकाली और रामसखी की कनपटी से सटाकर गोली चला दी। गोली लगते ही रामसखी वहीं गिर पड़ीं। यह पूरी वारदात उनकी 13 साल की नातिन राधिका धाकड़ की आंखों के सामने हुई।

 

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परिवार का इतिहास

रामसखी के पति लक्ष्मी नारायण धाकड़ ने अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद करीब 35 साल पहले रामसखी से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से लक्ष्मी नारायण के तीन बेटे शिवराज, साहब सिंह और राम कृष्ण और दो बेटियां थीं। रामसखी जब शादी करके आई थीं तो वह अपने पहले पति से जन्मे बेटे मुनेश को भी साथ लाई थीं। लक्ष्मी नारायण ने मुनेश को सगे बेटे की तरह अपनाया था लेकिन रामसखी की अपनी कोई और संतान नहीं हुई। मुनेश वर्तमान में इंदौर में रहते हैं लेकिन अपनी मां के इलाज के लिए पिछले महीने ही गांव आए हुए थे।

हत्या की असली वजह

लक्ष्मी नारायण के पास कुल 35 बीघा जमीन थी जो पहली पत्नी के पांच बच्चों और रामसखी के बीच बंट गई थी। विवाद तब शुरू हुआ जब रामसखी अपने हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं और इसकी सरकारी प्रक्रिया यानी नामांतरण का काम चल रहा था। रामसखी के सौतेले बेटे इसका कड़ा विरोध कर रहे थे। रामसखी के भाई महेश धाकड़ का आरोप है कि इसी जमीन के लालच में सौतेले बेटों ने साजिश रचकर यह हत्या करवाई है।

 

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वारदात के बाद क्या हुआ?

गोली की आवाज सुनकर जब राधिका की मां और दूसरे लोग बाहर आए तो उन्होंने राससखी को खून से लथपथ पाया। उन्हें तु्रंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में डर का माहौल बना हुआ है। तेंदुआ थाना पुलिस ने इस मामले में अनजान हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन हमलावरों को ढूंढ रही है और जमीन के विवाद को लेकर हर बात की जांच कर रही है।

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