पंजाब के लुधियाना जिले की पुलिस ने राइट टू इन्फॉर्मेशन (RTI) से कार्यकर्ता मानिक गोयल समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में जिक्र किया था कि जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान विदेश में थे तब भी उनके सरकारी हेलिकॉप्टर किया जा रहा था। इन लोगों ने इसी को लेकर सवाल पूछे थे कि CM के विदेश में रहने पर हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किसने कर लिया? सरकार का दावा है कि इन लोगों ने जो दावे किए वे आधिकारिक रिकॉर्ड के हिसाब से सही नहीं हैं। वहीं, FIR दर्ज होने के बाद मानिक गोयल ने कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार 4 साल से RTI का जवाब नहीं देती है और अगर हम सवाल पूछें तो हमारे खिलाफ FIR हो जाती है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 1 से 10 दिसंबर तक जापान और साउथ कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर थे। इन पत्रकारों और इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ 12 दिसंबर को ही लुधियाना के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर दी गई थी लेकिन अब यह मामला सामने आया है। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है उनमें मानिक गोयल के अलावा मिंटू गुरुसरिया, गगन रामगढ़िया, हरमान फार्मर, मंदीप मक्कड़, गुरलाल मान, स्नामू धालीवाल, अर्जन, दीप मांगिल और लोक आवाज TV के नाम हैं।
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इन लोगों ने सोशल मीडिया पर पंजाब के सरकारी हेलिकॉप्टर की तस्वीर पोस्ट करके पूछा था कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में सरकारी हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कौन कर रहा है। मानिक गोयल ने यह भी दावा किया था कि एक ही दिन में सरकारी हेलिकॉप्टर चंडीगढ़ में एक जगह से दूसरी जगह गया और उसी दिन फिर चंडीगढ़ से अमृतसर भी चला गया।
FIR में क्या है?
यह FIR इंस्पेक्टर सतबीर सिंह की शिकायत पर दर्ज कराई गई है। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहित का धारा 353 (1) (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अफवाह फैलाने), धारा 353 (2) (नफरत फैलाने के माध्यम से अफवाह फैलाने) और धारा 61 (2) आपराधिक साजिश का जिक्र किया गया है। लुधियाना पुलिस के अडिशनल डिप्टी कमिश्नर (साइबर क्राइम) वैभव सहगल ने बताया है, 'इस मामले में FIR दर्ज की गई है और जांच की जा रही है।' इंस्पेक्टर सतबीर सिंह ने अपने बयान में कहा है, 'सोशल मीडिया सेल ने ऐसे कई फेसबुक अकाउंट की पहचान की है जो आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर रहे थे।'
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FIR में आगे कहा गया है, 'प्राथमिक जांच में पाया गया है कि माननीय मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर से जुड़े इन पोस्ट में किए गए दावे अपुष्ट, गलत और तथ्यों से हटकर हैं। इनमें फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या और चुनिंदा पहलू बताए गए हैं। ऐसे में यह पूरी तरह से फर्जी नैरेटिव चलाने की कोशिश है। इन पोस्ट के जरिए यह साबित करने की कोशिश हुई है कि हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल अवैध या संदिग्ध गतिविधियों में किया गया।'
इसी FIR में यह भी कहा गया है कि हेलिकॉप्टर की उड़ान को लेकर जो बातें लिखी गई हैं, वे आधिकारिक रिकॉर्ड से मैच नहीं करती हैं। पंजाब के सिविल एविएशन विभाग ने कहा है, 'हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल संवैधानिक पद पर बैठे एक शख्स ने किया और उस शख्स को अनुमति दी गई थी। हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल आधिकारिक काम के लिए किया गया।'
क्या बोले आरोपी मानिक गोयल?
RTI कार्यकर्ता मानिक गोयल ने इस FIR के बारे में कहा है, 'हमें पंजाब सरकार की ओर से न्यू ईयर का गिफ्ट मिला है और झूठी FIR दर्ज कराई गई है। हमने सिर्फ इतना ही पूछा कि मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में उनके हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किसने किया। 4 साल से AAP सरकार इससे जुड़ी RTI का जवाब नहीं दे रही है और अगर हम सोशल मीडिया पर इसके बारे में पूछ लें तो ये लोग फर्जी एफआईआर दर्ज कर लेते हैं। इसमें छिपाने वाली ऐसी क्या बात है जो सरकार इतना डर रही है? यही AAP सरकार फ्रीडम ऑफ स्पीच और राइट टू डिसेंट की बात करती थी।'
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अब इन सभी आरोपियों का कहना है कि वे 4 जनवरी को चंडीगढ़ में एक प्रदर्शन करेंगे। इसी मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी पंजाब सरकार को आड़े हाथ लिया है। पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भगवंत मान को नसीहत दी है कि लोकतंत्र को पुलिस स्टेट में न बदलें। शिरोमणि अकाली दल के मुखिया सुखबीर बादल और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाए हैं।