उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार को यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलटने से दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लापता हैं। जिला प्रशासन ने जानकारी देते हुए कहा कि राहत-बचाव कार्य जारी है। मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने इस हादसे में जान गंवाने लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया था कि सभी पर्यटक पंजाब के रहने वाले थे।
इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि बचाव दल ने चार और लोगों के शव बरामद किए हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। मरने वाले सभी पंबाज के हैं। बताया जा रहा है कि नाव में दो दर्जन से अधिक पर्यटक सवार थे। एक आधिकारिक सूची के अनुसार मृतकों की पहचान कविता रानी (49), चरनजीत (40), रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल (38), अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल और सपना हंस (55) के रूप में हुई।
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स्थानीय गोताखोर ने बताया अलग आंकड़ा
बयान में कहा गया कि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा नाव पर सवार रहे 14 लोगों की सामान्य स्थिति है। बयान में कहा गया है कि पांच लोग अब भी लापता है, जिनमें मानिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका के नाम शामिल हैं। राज्य आपदा मोचन बल, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा, सेना की टीम लगभग 50 स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक गुलाब नाम के एक स्थानीय गोताखोर ने बताया कि अब तक लगभग 15 लोगों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है।
पंजाब के लुधियाना आए थे सभी
प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि तेज हवाओं की वजह से नाव बीच नदी में तेजी से डगमगाने लगी और एक पुल से टकराकर पलट गई। डीएम ने बताया कि दुर्घटना के समय नाव पर मौजूद लोगों की कुल संख्या का पता नहीं चल पाया है लेकिन उनके साथ गये लोगों का कहना है कि पांच लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा, सेना तथा स्थानीय गोताखोर आदि जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना और अन्य शहरों से आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे।
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पीपा पुल से टकराई नाव
उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना केसी घाट के पास तब हुई, जब नौका गहरे पानी में जाने के बाद एक तैरते हुए पीपा पुल के एक हिस्से से टकरा गई। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में पानी का स्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हाल ही में हटा दिया गया था, जिससे नदी में कुछ पोंटून खुले रह गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि उन्हीं में से एक पोंटून से टकराने के कारण नौका पलटी।
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए संवेदना प्रकट की। आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाई जाए और घायलों को तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।
मृतकों को अनुग्रह राशि की घोषणा
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। मोदी ने हादसे में अपनों को खोने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा यूपी सरकार ने भी मृतकों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।