logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'राष्ट्रीय पशु' बने गाय, बकरीद से पहले मुस्लिम संगठनों ने तेज की मांग

बकरीद से पहले कई मुस्लिम संगठनों ने सरकार से मांग की है कि गाय को 'राष्ट्रीय पशु' का दर्जा दिया जाए ताकि इसके नाम पर होने वाली राजनीति और लड़ाई खत्म हो।

AI Generated Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

ईद-उल-अजहा (बकरीद) 28 मई को है। इस बड़े त्यौहार से पहले मुस्लिम संगठनों ने गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने की मांग तेज कर दी है। इस मांग के समर्थन में संगठन भी एकजुट हो रहे हैं। इस मांग की शुरुआत जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने की है। उन्होंने कहा है कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाता है तो इसके नाम पर होने वाली राजनीति बंद हो जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि इस मांग के पूरा होते ही मॉब लिंचिंग और गाय के नाम पर होने वाली हिंसा जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। मौलाना अरशद मदनी ने यह भी कहा कि गाय की खरीद-फरोख्त और मांस के व्यापार में शामिल लोगों पर सख्ती होनी चाहिए। उनके कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने याद दिलाया कि यह मांग नई नहीं है बल्कि साल 2014 में भी ऐसी बात सामने आई थी।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भी की मांग

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भी इस मांग का समर्थन किया है। वह जल्द ही देश के बड़े मुस्लिम संगठनों के साथ एक बैठक करने वाले हैं। इस बैठक का मकसद एक चिट्ठी तैयार करना है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को इस पर जल्दी फैसला लेना चाहिए ताकि पूरे देश में गाय को लेकर कानून एक जैसा हो।

 

यह भी पढ़ें: पति की हत्या की, प्रेमी संग रोमांस, दो बहनों ने किया ऐसा कांंड, होने लगी थू थू

अलग-अलग संगठनों की राय

इस मुद्दे पर मुस्लिम समाज के अलग-अलग नेताओं ने अपनी बात रखी है। ऑल इंडिया कुरैशी जमात के अध्यक्ष सिराज कुरैशी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह प्रधानमंत्री से भी बात करेंगे। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना यासूब अब्बास का कहना है कि सरकार को अपनी नीतियों को साफ रखना चाहिए ताकि गाय के नाम पर लोगों की जान न जाए।

 

वहीं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के कौसर हयात खान ने सवाल उठाया कि एक तरफ कुछ राज्यों में गाय के मुद्दे पर राजनीति होती है, जबकि दूसरी तरफ कुछ राज्यों में बीफ खाने पर कोई रोक नहीं है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली का कहना है कि हिंदू भाइयों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए और पूरे देश में गाय हत्या के खिलाफ एक जैसा कानून होना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: वक्फ संपत्ति का केस लड़ रहे थे वकील, कार से कुचले गए, हैदराबाद में खौफ

इस मांग के पीछे की वजह

यह मांग ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव की चर्चा चल रही है और बकरीद का त्यौहार भी करीब है। उत्तर भारत में गाय हमेशा से एक बड़ा और संवेदनशील मुद्दा रहा है। साल 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था और उसके बाद भैंस के मांस के व्यापार के लिए कड़े नियम बनाए गए थे। अब मुस्लिम संगठनों की तरफ से खुद यह मांग उठना काफी मायने रखता है क्योंकि पहले ऐसी बातें ज्यादातर हिंदू संगठनों की तरफ से ही सुनने को मिलती थीं।

Related Topic:#State News#Lucknow

और पढ़ें