NEET
-UG 2026 के परिणाम को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने आरोप लगाया है कि परीक्षा के बाद उसके अंक तीन अलग-अलग बार बदले गए। छात्रा का दावा है कि OMR शीट और फाइनल आंसर-की के आधार पर पहले उसे 609 अंक मिले, इसके बाद 540 अंक का स्कोरकार्ड जारी हुआ और बाद में अंतिम परिणाम में महज 167 अंक दिखा दिए गए।
मामले को लेकर छात्रा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को शिकायत भेजी है। वहीं, NTA ने छात्रा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल स्कोरकार्ड और OMR शीट को फर्जी बताया है। अब इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है और मामला कोर्ट तक पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है।
609 से 540 और फिर 167 अंक होने का दावा
कानपुर के पनकी क्षेत्र की रहने वाली छात्रा आर्या सिंह का कहना है कि परीक्षा के बाद जारी OMR शीट और फाइनल आंसर-की के मिलान में उसके 609 अंक बन रहे थे। इसके बाद जारी स्कोरकार्ड में 540 अंक दिखाए गए, जबकि बाद में अंतिम परिणाम में उसके केवल 167 अंक दर्ज कर दिए गए। छात्रा का आरोप है कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी का मामला है।
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NTA और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से लगाई गुहार
छात्रा ने पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ई-मेल के माध्यम से भेजी है। उसने मांग की है कि उसके परिणाम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि न्याय नहीं मिला तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
NTA ने आरोपों को बताया निराधार
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने छात्रा के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल किया जा रहा स्कोरकार्ड और OMR शीट आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। एजेंसी के अनुसार अभ्यर्थी की वास्तविक OMR शीट का नियमानुसार मूल्यांकन किया गया है और उसी आधार पर परिणाम जारी किया गया है।
NTA का कहना है कि जांच में सामने आया है कि 540 अंक वाला स्कोरकार्ड भी आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। एजेंसी के मुताबिक इंटरनेट पर प्रसारित किए जा रहे दस्तावेज फर्जी हैं और अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध परिणाम पर ही भरोसा करना चाहिए।
कोर्ट पहुंच सकता है मामला
छात्रा अपने दावे पर कायम है, जबकि NTA लगातार आरोपों को खारिज कर रहा है। ऐसे में यदि मामला अदालत पहुंचता है तो न्यायिक जांच के दौरान OMR रिकॉर्ड, स्कोरकार्ड और मूल्यांकन प्रक्रिया की विस्तार से पड़ताल हो सकती है। इस कारण यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
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देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में परिणाम को लेकर उठे इस विवाद ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार बहस जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि शिकायत के बाद NTA आगे क्या कदम उठाता है और यदि मामला अदालत पहुंचता है तो वहां से क्या फैसला सामने आता है।