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'घर में कोई था ही नहीं', पलट गई निक्की भाटी की बहन, प्रॉपर्टी पर हो गया समझौता

चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में अब उनकी बहन ही अपनी गवाही से पलट गई हैं। निक्की के मायके और ससुराल पक्ष ने समझौता कर लिया है जबकि पहले दहेज हत्या के आरोप लगाए गए थे।

nikki bhati murder case

निक्की भाटी केस, Photo Credit: Social Media

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध जिले का निक्की भाटी हत्याकांड बेहद चर्चा में रहा था। निक्की की ससुराल के लोगों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने दहेज के लालच में निक्की को जला दिया था जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस घटना के 9 महीने बाद अब निक्की के मायके और ससुराल वालों ने समझौता कर लिया है। निक्की के ससुराल वाले अपनी संपत्ति निक्की के बेटे के नाम पर ट्रांसफर करने को राजी हो गए हैं और इसी के चलते यह समझौता हुआ है। इतना ही नहीं, इस मामले में गवाह रही निक्की की बहन कंचन कुछ दिन पहले ही अपने बयान से मुकर गई थीं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होनी है।

 

इस समझौते के पीछे की बड़ी वजह है निक्की की बहन कंचन का अपने बयान से पीछे हट जाना। कंचन की शादी भी उसी घर में हुई है और वह अपनी बहन की हत्या की सबसे अहम गवाह हैं। हालांकि, 20 दिन पहले नोएडा की स्थानीय अदालत में पेशी के दौरान कंचन अपने बयान से पलट गईं। अभी तक अपने माता-पिता के साथ रूपवास गांव में रह रहीं कंचन अब दादरी में अपने पति के साथ एक नए घर में रहेंगी।


क्या बोला निक्की का परिवार?

निक्की भाटी के पिता भिखारी सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में पुष्टि की है कि दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया है। इस केस में निक्की भट्टी के ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए निक्की को जलाकर मार डालने का आरोप है। भिखारी सिंह ने कहा है, 'हां यह बात सही है कि हमने समझौता कर लिया है। वे लोग निक्की के बेटे के नाम पर प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने को राजी हो गए हैं।'

 

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निक्की के पिता का कहना है,  'निक्की और कंचन के ससुराल वालों का कहना है कि वे कंचन की जिंदगी में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे।' बता दें कि 21 अगस्त 2021 को दिल्ली के सफदरंज अस्पताल में निक्की भाटी की मौत हो गई थी। आरोप लगे कि निक्की के पति विपिन भाटी और उनकी मां दया भाटी ने ने निक्की के ऊपर तेल छिड़ककर आग लगा दी थी। पुलिस ने ये आरोप कंचन के बयान के आधार पर ही लगाए थे। कंचना का कहना था कि उनके पति रोहित भाटी और ससुर सतवीर इस पूरी वारदात को देखते रहे और जब कंचन ने रोकने की कोशिश की तो उन्हें भी पीटा।

कंचन ने अब क्या कहा?

अब कंचन ने अपने नए बयान में कहा है कि जब यह घटना हुई तो घर में कोई था ही नहीं। इस केस में पुलिस ने 22 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया था कि निक्की के पति विपिन और उनके परिवार के लोग निक्की के सलून खोलने के खिलाफ थे। यह भी कहा गया था कि वे निक्की के इंस्टाग्राम चलाने से भी गुस्से में थे। 

 

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पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या), धारा 115 (2) जानबूझकर चोट पहुंचाने, धारा 61 (2) यानी आपराधिक साजिश रचने के आरोपों को तहत विपिन भाटी, रोहित भाटी, सतवीर भाटी और दया के खिलाफ केस दर्ज किया था। 24 अगस्त को विपिन भाटी और उनकी मां को गिरफ्तार कर लिया गया था। अगले ही दिन सतवीर और रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। 20 नवंबर 2025 को पुलिस ने 173 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। अब सरकारी वकील ने बताया है कि निक्की की बहन अपने बयान से पलट गई है।

पुलिस क्या बोली?

एक सरकारी वकील ने अपना नाम ना छापने की शर्त पर बताया, 'कंचन ने कोर्ट को अब बताया है कि जब यह घटना हुई तो कोर्ट में नहीं था। कंचन के मुताबिक, निक्की के पति विपिन, ससुर, सास और ननद घर से बाहर थे। अभी तक सिर्फ कंचन का ही बयान दर्ज किया गया है। हम केस लड़ना जारी रखेंगे लेकिन मुख्य गवाह के पलट जाने से केस जरूर कमजोर हुआ है।'

 

बता दें कि रोहित भाटी को 7 जनवरी, सतवीर को 28 जनवरी और दया भाटी को 13 फरवरी को जमानत मिल चुकी हैं। अब सिर्फ विपिन भाटी जेल में है। विपिन के वकील का कहना है कि वह मेटिट पर केस लड़ रहे हैं और सबूतों के आधार पर जल्द ही हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर करेंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि अभी तक उन्हें इस समझौते के बारे में कोई ना तो कोई जानकारी है और ना ही इसकी कोई लिखित सूचना दी गई है। बता दें कि 173 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने कहा है कि सतवीर और दया इस घटना के समय घर पर नहीं थे और रोहित भाटी का फोन की लोकेशन सिरसा टोल प्लाजा के पास की थी। 


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