बिहार के पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद पप्पू यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। शिक्षकों से लेकर बाढ़ राहत तक के मुद्दों पर पप्पू यादव सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवक और अन्य कर्मी चार दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, संविदा कर्मियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। वहीं छपरा और गोपालगंज में बाढ़ से भारी तबाही हुई है, पीड़ितों को घंटों तक राशन और पॉलिथीन तक नहीं मिली, जिस वजह से उन्हें खुद जनरेटर और मदद की व्यवस्था करनी पड़ी है।
इसके अलावा, पप्पू यादव ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार पर देश और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की और कहा कि Gen Z और Gen Alpha युवा इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि सरकार सिर्फ चुनाव और माफियाओं को शह देने में व्यस्त है, बिहार के युवाओं और गरीबों के प्रति उसकी कोई जवाबदेही नहीं बची है।
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पप्पू यादव बोले बिहार में शिक्षा व्यवस्था चौपट
पप्पू यादव ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। शिक्षा सेवक पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। संविदा पर काम कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में वे अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे।
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है। शिक्षा सेवक लगातार आंदोलन कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर भूख
हड़ताल पर हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट, शिक्षक सड़कों पर हैं।
सरकार कुंभकर्णी नींद में
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार कुंभकर्णी नींद में है और गरीबों के बच्चों का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवक और टोला सेवक बिहार की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। वे गरीब बस्तियों में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें भूखा मरने के लिए छोड़ दिया है। 4 दिनों से वे पटना में भूख हड़ताल पर हैं, उनकी तबीयत बिगड़ रही है लेकिन कोई अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं गया।
वहीं संविदा कर्मियों को 6-6 महीने से वेतन नहीं मिला है। दिवाली और छठ जैसे पर्व सामने हैं लेकिन उनके घर में चूल्हा कैसे जलेगा, इसकी चिंता सरकार को नहीं है। सरकार केवल चुनाव में व्यस्त है और उसे शिक्षकों की कोई परवाह नहीं है। बिहार में संविदा कर्मियों का शोषण हो रहा है। उन्हें कम वेतन पर काम कराया जा रहा है और वह भी समय पर नहीं दिया जा रहा है।
इसके अलावा, पप्पू यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग में लाखों पद खाली हैं, लेकिन सरकार भर्ती नहीं कर रही है। संविदा पर काम कर रहे लोगों को स्थायी करने की मांग लंबे समय से हो रही है लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। वे शिक्षा सेवकों की लड़ाई लड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे। सरकार को जल्द से जल्द उनकी मांगें माननी चाहिए।
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बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिला राशन
पप्पू यादव ने बाढ़ राहत को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि छपरा और गोपालगंज में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। गंडक नदी के जलस्तर बढ़ने से सारण और गोपालगंज के कई गांव जलमग्न हैं। लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं लेकिन सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। घंटों तक राशन और पॉलिथीन तक नहीं मिली, उन्हें खुद जनरेटर और मदद की व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि वे खुद छपरा और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में गए थे। वहां लोगों का बुरा हाल है। लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। बच्चों के पास दूध तक नहीं है।
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार हेलिकॉप्टर से राशन गिराने की बात कर रही है लेकिन धरातल पर लोगों को कुछ नहीं मिल रहा है। सारण में बाढ़ से 10 से अधिक प्रखंड प्रभावित हैं, प्रशासनिक तैयारी पूरी तरह फेल है। लोगों को पॉलिथीन शीट तक नहीं दी गई है। पप्पू ने कहा कि उन्होंने अपने स्तर से लोगों के लिए जनरेटर, नाव और खाने-पीने की व्यवस्था की है। सरकार को शर्म आनी चाहिए कि एक सांसद को अपने पैसे से मदद करनी पड़ रही है।
पप्पू ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द बाढ़ पीड़ितों को राहत देनी चाहिए और शिक्षा सेवकों की मांगें माननी चाहिए। यदि सरकार नहीं मानी तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे और सड़क पर उतरेंगे।
CEC ज्ञानेश कुमार पर भी साधा निशाना
पप्पू यादव ने CEC ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा, उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार जैसे अधिकारियों ने देश और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि GenZ और Gen Alpha युवा इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। युवा अब जाग गया है और सरकार से सवाल पूछ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार के युवा बेरोजगार हैं, गरीब परेशान हैं, लेकिन सरकार को उनकी कोई चिंता नहीं है। सरकार सिर्फ चुनाव और माफियाओं को शह देने में व्यस्त है, बिहार के युवाओं और गरीबों के प्रति उसकी कोई जवाबदेही नहीं बची है। पप्पू ने कहा कि वे हमेशा गरीबों और युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे और सरकार को घेरते रहेंगे। बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।