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MP के जंगल में भालू से भिड़ा वफादार कुत्ता, बचा ली 16 साल के बच्चे की जान

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक भालू ने जंगल में अपनी गाय खोजने गए 16 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चे की जान तब बची जब उसके पालतू कुत्ते ने भालू पर हमला कर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

Bear Attack, Pet Dog Saves 16 Year Old Boy

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit - Chat GPT

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मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक वफादार पालतू कुत्ते ने भालू के हमले से 16 साल के बच्चे की जान बचा ली। यह घटना 23 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे केसला-सुखतवा क्षेत्र के छींदापानी भीलट देव के जंगल में हुई। बताया जा रहा है कि बच्चा अपने परिवार की गाय को खोजने गया था। जहां उसका सामना खूंखार भालू से हो गया। 

 

जंगल में बच्चे के साथ उसका पालतू कुत्ता भी था। अपने मालिक को खतरे में देख पालतू कुत्ते ने भालू पर हमला कर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। बाद में बच्चे के बुलाने पर गांव वाले वहां पहुंचे और उसे इटारसी के सरकारी अस्पताल ले गए। 

 

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क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11वीं कक्षा का 16 साल का छात्र विकलेश कासदे अपने परिवार की गाय को खोजने गया था। विकलेश ने बताया कि भालू अचानक घनी झाड़ियों से निकला और उस पर झपट पड़ा। भालू ने उसे जमीन पर गिरा दिया और लगभग पांच मिनट तक उसके पेट और पैरों पर पंजे मारे, जिससे उसे गहरे घाव हो गए।

 

किशोर की जान तब बची जब उसके पालतू कुत्ते ने भालू पर हमला कर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। बच्चे ने बताया कि जंगल में उसके साथ गए पालतू कुत्ते ने भालू पर हमला करने से पहले उस पर कई बार भौंका। कुत्ते से घबराकर भालू जंगल में भाग गया। इसके बाद घायल लड़के को मदद के लिए अपने पिता को फोन करने का मौका मिल गया।   

बच्चे को लगे हैं 30 टांके 

जानकारी मिलते ही बच्चे के परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसी रात विकलेश को इटारसी के सरकारी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने का कहना है कि किशोर के पेट और पैर पर पंजे और काटने के गहरे घाव आए हैं। इस वजह से उसे लगभग 30 टांके लगाने पड़े। अभी बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है। 

 

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पिता ने क्या बताया? 

मिली जानकारी के मुताबिक, विकलेश के पिता रमेश कासदे एक दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने बताया कि विकलेश शाम करीब 5 बजे जंगल में अपनी गाय ढूंढने गया था। रमेश कासदे के मुताबिक, उनके पांच बच्चे हैं और उन्होंने वन विभाग से आर्थिक मदद की अपील की है।  


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