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प्रयागराज में छेड़खानी का फर्जी वीडियो वायरल, व्यूज-फॉलोअर्स बढ़ाने का था प्लान

प्रयागराज में रहने वाली एक लड़की ने सोशल मीडिया पर व्यूज और फाॅलोअर्स बढ़ाने के लिए छेड़खानी का फर्जी वीडियो बना कर डाल दिया। पढ़ें रिपोर्ट।

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प्रतीकात्मक फोटो, Photo Credit : Social Media

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उत्तर प्रदेश के जिला प्रयागराज में सोशल मीडिया पर व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए छेड़खानी का फर्जी वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। युवती ने स्कार्फ खींचने और छेड़खानी का नाटक किया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से जांच की, लेकिन युवती के बताए मुताबिक घटना के कोई साक्ष्य नहीं मिले। जांच आगे बढ़ी तो युवती ने खुद ही सच कबूल कर लिया।

बताया गया कि युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर दावा किया था कि उसके साथ रास्ते में छेड़खानी की गई और उसका स्कार्फ खींचा गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और पुलिस ने इसकी जांच शुरू की।पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की गई। जांच के दौरान युवती के दावे के मुताबिक घटना होने के प्रमाण नहीं मिले।

 

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जांच में नहीं मिली घटना

पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, युवती के बताए घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों में अंतर सामने आया। CCTV फुटेज में भी वैसी घटना दिखाई नहीं दी, जैसा वीडियो के जरिए दावा किया गया था।इसके बाद पुलिस ने युवती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवती ने आखिरकार स्वीकार कर लिया कि सोशल मीडिया पर व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए उसने छेड़खानी का नाटक किया था।

 वीडियो डालकर बढ़ाना चाहती थी फॉलोअर्स

युवती का मकसद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर ज्यादा लोगों तक पहुंचाना और उससे व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाना था। इसके लिए उसने स्कार्फ खींचने और 

छेड़खानी की घटना को वास्तविक घटना के तौर पर पेश किया।पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आने के बाद फर्जी तरीके से बनाए गए इस वीडियो को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

 

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CCTV ने खोला फर्जी दावे का राज

इस पूरे मामले में CCTV फुटेज पुलिस की जांच में अहम साबित हुई। युवती की ओर से किए गए दावे और कैमरे में सामने आए तथ्यों का मिलान किया गया तो घटना की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पूछताछ में युवती ने खुद पूरी सच्चाई बता दी।पुलिस अब मामले में युवती की ओर से किए गए दावे और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए वीडियो से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।


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