उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में चर्चित शनिदेव मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, वारदात की वजह कोई पुरानी रंजिश या लूट नहीं, बल्कि कथित तौर पर पुजारी का अपनी शिष्या के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखाई देना था। पुलिस का दावा है कि शिष्या के मामा ने दोनों को मंदिर की छत पर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इससे गुस्साए मामा ने डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर पुजारी की हत्या कर दी। मामले में शिष्या को भी पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार 20 जून की रात मंदिर की छत पर पुजारी सच्चिदानंद अपनी शिष्या रोशनी के साथ मौजूद थे। उसी दौरान रोशनी का मामा रामविशाल वहां पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इसके बाद वह अपना आपा खो बैठा और पास में पड़े डंडे से पुजारी के सिर पर कई वार कर दिए।
गंभीर रूप से घायल पुजारी की इलाज के दौरान मौत हो गई।घटना के बाद पुलिस ने फोरेंसिक साक्ष्यों, घटनास्थल की जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार वैज्ञानिक साक्ष्यों ने हत्या की कड़ी को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस को गुमराह करती रही शिष्या
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद शिष्या रोशनी ने कथित तौर पर अपने मामा को बचाने के लिए पुलिस के सामने अलग कहानी पेश की। पूछताछ और साक्ष्यों के सामने उसके बयान बदलते गए। इसके बाद पुलिस ने उसे साक्ष्य छिपाने और जांच को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
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हत्या में इस्तेमाल डंडा भी बरामद
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा पहले ही बरामद कर लिया था। पूछताछ, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।