आखिरकार चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पिछले सात दिन से पक्का मोर्चा लगाकर प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसानों ने सोमवार को अपना धरना खत्म कर दिया। किसानों का प्रदर्शन पंजाब सरकार के साथ हुए समझौते के बाद खत्म किया गया है। राज्य की भगवंत मान सरकार ने किसानों की मांगों पर लिखित में सहमति जताई है।
पंजाब सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों को यह भी भरोसा दिलाया है कि जल्द ही राज्य विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा और उनके मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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नदी के पानी को लेकर किसानों की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा की अलग-अलग यूनियनों से जुड़े किसान इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। मान सरकार ने किसानों की जिन मांगों को माना है उनमें सबसे प्रमुख मांग नदी के पानी, खेती और किसानों से जुड़े मुद्दे हैं। स्पेशल सेशन में इन्हीं मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
किसानों ने 1 सितंबर को चंडीगढ़ बॉर्डर पर मोर्चा लगाया था। 32 जत्थेबंदियों के किसान यहां पर जुटे हुए थे। महिलाएं और बच्चे भी मोर्चे पर डटे हुए थे। सोमवार को पक्के मोर्चे के सात दिन पूरे हुए।
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किसानों-सरकार के बीच मुद्दों पर सहमति बनी
किसानों को दिए गए आश्वासन में सरकार मौजूदा जल समझौतों की समीक्षा करने और नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े पंजाब री-ऑर्गेनाइजेशन एक्ट के प्रवधानों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने पर भी सहमत हुई है। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां के साथ हुई बैठक में किसानों और सरकार के बीच मुद्दों पर सहमति बन गई।