logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बीवी की सिलाई-बुनाई को बताया कमाई का जरिया, अफसर के पास मिली 11 करोड़ की संपत्ति

मध्य प्रदेश के इंदौर में आय से अधिक संपत्ति मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर छापे में करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली। अधिकारी ने पत्नी की सिलाई-बुनाई को भी कमाई का स्रोत बताया।

representative image of Raid

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार को लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला सामने आया। छापेमारी के दौरान अधिकारी और उनके परिवार से जुड़ी करीब 11 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों का पता चला है। जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारी की कुल ज्ञात आय करीब 2.80 करोड़ रुपये है, जबकि संपत्तियों और खर्च का आंकड़ा इससे कई गुना अधिक है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अधिकारी ने अपनी पत्नी की सिलाई-बुनाई को भी परिवार की आय का स्रोत बताया। अब जांच एजेंसियां इस दावे की भी पड़ताल कर रही हैं। 

 

इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त पुलिस के कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शुरुआती जांच के बाद उनके बहुमंजिला मकान, जिम, डिपार्टमेंटल स्टोर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच में अब तक कंडवाल और उनके परिजन की लगभग 10.83 करोड़ रुपये की संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इनमें जमीन खरीदने और भवन निर्माण पर करीब 9.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का पता चला है।

 

यह भी पढ़ें: SBI के लॉकर से गायब हो गए 1 करोड़ के गहने, रिटायर्ड सूबेदार ने उठाए सवाल

पत्नी की सिलाई-बुनाई भी बताई आय का स्रोत

पूछताछ के दौरान कंडवाल ने बताया कि उनकी पत्नी सिलाई-बुनाई का काम करती हैं और यह भी परिवार की आय का एक स्रोत है। लोकायुक्त पुलिस अब उनकी पत्नी के आयकर रिटर्न और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी ताकि इस दावे की पुष्टि की जा सके। अधिकारियों के अनुसार, कंडवाल की 30 वर्षों की सेवा अवधि में कुल वैध आय लगभग 2.50 करोड़ रुपये वेतन और करीब 30 लाख रुपये कृषि आय सहित 2.80 करोड़ रुपये आंकी गई है।

बैंक खाते सीज

छापेमारी के दौरान घर से मिले सामान की कीमत करीब 38.49 लाख रुपये आंकी गई है। बैंक लॉकर से मिले सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्य 24.76 लाख रुपये पाया गया जबकि घर से मिले अन्य आभूषणों की कीमत 4.89 लाख रुपये बताई गई है। जांच में यह भी सामने आया कि कंडवाल के दोनों बेटे एक डिपार्टमेंटल स्टोर चलाते हैं। इसके अलावा एक जिम से उन्हें हर महीने लगभग 1.25 लाख रुपये किराया मिलता है।

 

यह भी पढ़ें: हरियाणा में ATS का गठन, पंचकूला होगा मुख्यालय; क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

 

पुलिस ने कंडवाल और उनके परिवार के बैंक खातों में लेन-देन पर रोक लगा दी है और विस्तृत वित्तीय जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में वैध आय की तुलना में करीब चार गुना अधिक खर्च और संपत्ति का पता चला है। बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा। कंडवाल की सेवानिवृत्ति में अभी करीब छह महीने का समय बाकी है। महिला व बाल विकास विभाग के अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।


और पढ़ें