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'देखो मिट रहा क्या?' राज ठाकरे ने आरोप लगाए तो स्याही मिटाकर दिखाने लगे फडणवीस

राज ठाकरे ने आरोप लगाए थे कि BMC चुनाव में वोट डालने के बाद जो स्याही लगाई जा रही है, उसे सैनिटाइजर से मिटाया जा सकता है। अब सीएम फडणवीस ने इसका जवाब दिया है।

raj thackeray and devendra fadnavis

राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस, Photo Credit: Social Media

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महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) समेत तमाम नगर निकायों के लिए वोटिंग जारी है। गुरुवार सुबह वोट डालने पहुंचे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के मुखिया राज ठाकरे ने आरोप लगाए कि ना मिटने वाली स्याही की जगह पर पेन से निशान लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्याही लगाई जा रही है जिसे सैनिटाइजर से मिटाया जा सकता है। इस पर BMC का कहना है कि ऐसे सारे दावे फर्जी हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर में वोट डालने पहुंचे तो उनसे भी इसके बारे में सवाल पूछे गए। इस पर उन्होंने मीडिया के सामने अपनी उंगली रगड़ते हुआ कहा कि देखो मिट रहा है क्या? सीएम फडणवीस ने कहा कि हर चीज को मुद्दा बनाने से प्रश्न चिह्न लगाना ठीक नहीं है।

 

इन आरोपों के बारे में BMC ने एक बयान में कहा कि मीडिया में आ रहीं ये खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। बीएमसी प्रशासन ने कहा, ‘बीएमसी कमिश्नर ने मतदान के बाद पक्की स्याही मिटाए जाने के संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। इसलिए, मीडिया में प्रसारित हो रही खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।' बता दें कि मुंबई में 227 वार्डों के लिए 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मुंबई भर में कुल 10,231 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं और 64,375 अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है।

 

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राज ठाकरे ने क्या कहा था?

 

मुंबई में वोट डालने के बाद राज ठाकरे ने कहा था, 'पहले जिस स्याही का इस्तेमाल होता था, उसकी जगह पर अब एक नए पेन का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसको लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। अगर आप सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें तो इसकी स्याही मिट जाती है। अब सिर्फ एक ही विकल्प है कि आप एक बार स्याही लगवाएं, बाहर जाएं, स्याही मिटा दें और फिर से अंदर जाकर वोट डाल दें। यह दिखाता है कि सरकार सत्ता में रहने के लिए कुछ भी कर सकती है। अगर कोई फर्जीवाड़ा करके सत्ता में आता है तो हम इसे चुनाव ही नहीं मानते। मेरी लोगों से अपील है, शिवसेना के लोगों से अपील है और मातोश्री सेना से अपील है कि इन चीजों पर नजर रखें। एक आदमी तो दूसरी बार वोट डालते हुए भी पकड़ा गया है।'

 

नागपुर में वोट डालने पहुंचे देवेंद्र फडणवीस से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो वह अपने हाथ की उंगली पर लगी स्याही दिखाने लगे और कहा, 'देखो, मेरे को भी यही मार्कर लगाया गया है, देखो कहीं ये मिट रहा है? हो सकता है कि किसी को इस पर आपत्ति हो, इसे चुनाव आयोग को देखना चाहिए। जो कुछ इस्तेमाल करना है, करना चाहिए। मैं तो बोलता हूं कि ऑयल पेंट करना है तो ऑयल पेंट करिए। चुनाव निष्पक्ष ही होना चाहिए लेकिन हर चीज को मुद्दा बनाकर आप सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रश्न चिह्न लगा रहे हैं।'

 

अब इस मामले पर महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने कहा है, '19 नवंबर 2011 और 28 नवंबर 2011 को राज्य चुनाव आयोग ने आदेश जारी किए थे कि मार्कर पेन का इस्तेमाल किया जा सकता है। तब से ही स्थानीय निकायों के चुनाव में मार्कर का इस्तेमाल हो रहा है। चुनाव आयोग लोगों से अपील करता है कि वे इसे मिटाने की कोशिश न करें। अगर कोई इसे मिटाकर फिर से वोट डालने आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'

 

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PADU पर उठे सवाल

 

राज ठाकरे ने निकाय चुनावों में ‘प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट’ (PADU) के इस्तेमाल को लेकर राज्य चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने PADU के इस्तेमाल पर कोई स्पष्टीकरण देने की जहमत तक नहीं उठाई और सत्ताधारी दलों को धन वितरण करने देने के लिए मतगणना का समय बढ़ा दिया।

 

PADU पर फडणवीस ने कहा कि इसकी आलोचना अनावश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि EVM के काम न करने की स्थिति में इन मशीनों का उपयोग किया जाएगा। सीएम फडणवीस ने आगे कहा, 'PADU में डेटा इकट्टा होगा। मुंबई में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को यह मशीन दिखाई गई थी।'

 

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बता दें कि EVM में तकनीकी खराबी आने की स्थिति में वोटों की गिनती को आसान बनाने के लिए BMC चुनावों में पहली बार पीएडी इकाइयों का उपयोग किया जा रहा है। BMC कमिश्नर भूषण गगरानी ने कहा था कि ये बैकअप यूनिट के रूप में काम करेंगी और अन्य ईवीएम यूनिट की तरह ये भी निर्वाचन अधिकारियों के पास रहेंगी और इनका उपयोग केवल आपात स्थिति में किया जाएगा।


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