logo

मूड

ट्रेंडिंग:

रोज-रोज के झगड़ों से तंग आए मां-बाप, तेजाब पिलाकर बेटे को मार डाला

राजकोट में शराबी बेटे के रोज के झगड़ों से तंग आकर माता-पिता ने ही उसकी हत्या कर दी। उन्होंने इसे खुदकुशी दिखाने की कोशिश की लेकिन पोस्टमार्टम से सच सामने आ गया।

AI Generated Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

गुजरात के राजकोट जिले में माता-पिता ने अपने ही 22 साल के बेटे राम बांभवा की बेरहमी से हत्या कर दी। बेटा कोई काम नहीं करता था और रोज शराब पीकर घर में झगड़ा करता था। इसी बात से तंग आकर माता-पिता ने पहले उसके मुंह में जबरदस्ती तेजाब डाला और जब वह तड़पने लगा तो गला घोंटकर उसे मार डाला। इसके बाद उन्होंने इसे आत्महत्या का रूप देने की झूठी कहानी बनाई।  पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और राम की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने माता-पिता दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

 

30 जून को 22 साल के राम बांभवा की मौत हो गई। मौत के बाद उसके परिवार वालों ने पुलिस और गांव वालों से कहा कि राम ने तेजाब पीकर अपनी जान दे दी है। जब शव का फोरेंसिक पोस्टमार्टम हुआ तो डॉक्टरों ने बताया कि राम की मौत सिर्फ तेजाब पीने से नहीं हुई है बल्कि उसका गला घोंटा गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राम के 47 साल के पिता बाबू उर्फ अतुल बांभवा और उसकी 45 साल की मां मनीषा उर्फ मोटी बांभवा को गिरफ्तार कर लिया।

 

यह भी पढ़ें: पिस्टल लहराकर सीएम सम्राट को दी खुली धमकी, अब आरोपी को सता रहा एनकाउंटर का डर

पत्नी ने दर्ज कराई एफआईआर

इस पूरी घटना का पता तब चला जब राम की 20 साल की पत्नी बंसी ने अपने सास-ससुर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। बंसी ने बताया कि उसकी शादी को अभी सिर्फ 5 महीने ही हुए थे। राम कोई काम नहीं करता था, वह बेरोजगार था और लगातार नौकरी की तलाश में था। उसके पिता अतुल गांव में एक चाय की दुकान चलाते थे। बंसी ने पुलिस को बताया कि राम को शराब पीने की बहुत बुरी आदत थी। वह अक्सर शराब के नशे में धुत्त होकर घर आता था और अपने पिता के साथ गाली-गलौज, झगड़ा और मारपीट करता था।

 

मौत से एक दिन पहले यानी 29 जून को राम और उसकी पत्नी बंसी दोनों बंसी के मायके यानी अपने ससुराल गए हुए थे। वहां भी राम ने बहुत ज्यादा शराब पी ली और इस बात पर उसका बंसी के पिता यानी अपने ससुर से झगड़ा हो गया। दामाद के इस झगड़े और हंगामे से परेशान होकर बंसी के पिता ने राम के पिता अतुल को फोन किया। उन्होंने अतुल से कहा कि आप यहां आइए और अपने बेटे को अपने साथ वापस ले जाइए। इसके अगले दिन यानी 30 जून को राम अकेला अपने घर लौट आया लेकिन उसकी पत्नी बंसी अपने मायके में ही रुक गई थी।

गला दबाकर मार डाला

30 जून की रात को जब राम अपने घर पहुंचा तो वह फिर से शराब के नशे में था। घर आते ही उसने अपने पिता अतुल से दोबारा झगड़ा शुरू कर दिया। रोज-रोज के इस झगड़े से माता-पिता तंग आ चुके थे और उन्होंने राम को मार डालने का फैसला किया। इस विवाद के बीच मां मनीषा ने जबरदस्ती राम के मुंह में तेजाब डाल दिया। तेजाब की वजह से जब राम तड़पने लगा तो पिता अतुल ने उसका मुंह बंद कर दिया और गला दबाकर उसे मार डाला।

 

जब बंसी अपने मायके में थी तो उसे फोन आया कि राम ने तेजाब पीकर खुदकुशी कर ली है। इसके बाद राम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के बाद परिवार के ही कुछ रिश्तेदारों ने चुपके से बंसी को उस रात का पूरा सच बता दिया। बंसी ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया है कि जब सच सामने आया तो उसके सास-ससुर ने उसे धमकी दी थी। उन्होंने बंसी से कहा था कि यह बात किसी को मत बताना अगर यह सच बाहर आया तो परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी।

 

यह भी पढ़ें: इश्क का राज खुलने के डर से 5 साल के मासूम की हत्या, आरोपी युवक गिरफ्तार

पुलिस को मौके से मिले सबूत

राजकोट के जिला पुलिस अधीक्षक यानी एसपी विजय सिंह गुर्जर ने बताया कि शुरुआत से ही यह मौत संदिग्ध लग रही थी, इसलिए उन्होंने फोरेंसिक पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राम के गले पर दबाने के निशान मिले जिससे हत्या की बात साफ हो गई।

 

जांच अधिकारी यू. आर. डामोर ने बताया कि दोनों आरोपियों को 2 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और 3讯लाई को उन्हें अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत के तौर पर तेजाब की वह बोतल, आरोपियों के कपड़े और एक बेडशीट जब्त की है, जिस पर राम की उल्टी के निशान हैं।

 


और पढ़ें