उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी को अब नियमित महासचिव नियुक्त कर दिया गया है। चढ़ावा विवाद के बाद चंपत राय के हटने पर कृष्ण मोहन राय कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके साथ ही पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है।
ट्रस्ट की बैठक में स्वामी गोविंद देव गिरी के नाम पर नियमित महासचिव के रूप में मुहर लगी। इससे पहले कृष्ण मोहन राय कार्यवाहक महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब गोविंद देव गिरी ट्रस्ट के नियमित महासचिव के रूप में काम करेंगे। गोविंद देव गिरी ने कहा कि ट्रस्ट का लक्ष्य अयोध्या को दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करना है।
राम मंदिर के प्रशासनिक संचालन को और मजबूत करने के लिए ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला सीईओ नियुक्त किया है। इस पद के लिए 16 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए थे। इनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज के नाम अंतिम चरण के लिए चुने गए थे। बैठक में जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम सहमति बनी। आने वाले समय में जरूरत के मुताबिक संयुक्त सीईओ या उप सीईओ की नियुक्ति भी की जा सकती है। इसके लिए कार्यप्रणाली और दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे।
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महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया
ट्रस्ट में एक और अहम बदलाव करते हुए दिल्ली के महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले गोविंद देव गिरी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब महासचिव की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कोषाध्यक्ष पद पर महेश भागचंदका की नियुक्ति की गई है।
3 नए सदस्यों को मिली जिम्मेदारी
बैठक में ट्रस्ट के नए सदस्यों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई। इनमें अयोध्या निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय शामिल हैं। उन्होंने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी की थी। इसके अलावा शिकोहाबाद की शिक्षाविद डॉ. निर्मला यादव को भी ट्रस्टी बनाया गया है। उनके पास हिंदी और संस्कृत में परास्नातक की डिग्री के साथ करीब 15 वर्षों का विश्वविद्यालयीय कार्य अनुभव बताया गया है।
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दो चरणों में हुई ट्रस्ट की बैठक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक दो चरणों में आयोजित हुई। पहले सत्र में संजय प्रसाद ऑनलाइन जुड़े, जबकि दोपहर तीन बजे से शुरू हुए दूसरे सत्र में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी शामिल हुए।बैठक में ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, मंदिर संचालन और भविष्य की कार्यप्रणाली को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। नियमित महासचिव और पहले सीईओ की नियुक्ति को मंदिर प्रशासन को नई संरचना देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कौन हैं गोविंद देव गिरि?
गोविंद देव गिरि देश के चर्चित आध्यात्मिक गुरु, वैदिक विद्वान और कथावाचक हैं। वह 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के कोषाध्यक्ष थे, अब भूमिका बदली है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और प्रबंधन की देखरेख की जिम्मेदारी उन पर थी। उन्होंने भारतीय संस्कृति, वेदों और उपनिषदों के संरक्षण व प्रसार के लिए 'महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान' की स्थापना की है। गीता और रामायण पर देश-दुनिया में कथा करते हैं।