बिहार के पटना में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी
ने कहा कि महिलाओं के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए बिहार राज्य महिला आयोग का काम सराहनीय है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग को सिर्फ महिलाओं की शिकायतों का समाधान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आयोग को महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए सरकार को समय-समय पर सुझाव भी देने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दीप जलाकर सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के बापू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान बिहार राज्य महिला आयोग के 25 साल के कामकाज और सफर पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
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विशेष डाक टिकट और स्मारिका जारी
इस खास मौके पर डाक विभाग के सहयोग से बिहार राज्य महिला आयोग पर मुख्यमंत्री ने विशेष डाक टिकट जारी किया और आयोग की स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उनकी बढ़ती आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी राज्य के बदलते स्वरूप की महत्वपूर्ण तस्वीर है। पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से उनकी भागीदारी को नई मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि जीविका ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाएं सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन और अन्य गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो पूरा परिवार मजबूत होता है। इसलिए सरकार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है।
बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए बड़े ऐलान किए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मैट्रिक, इंटर और स्नातक स्तर पर प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी सहायता दी जा रही है। बालिका पीएचडी फेलोशिप के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 1,000 छात्राओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह उच्च शिक्षा और शोध के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं की उच्च शिक्षा को और व्यापक बनाने के लिए महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेटियां पढ़ेंगी तो समाज आगे बढ़ेगा। सरकार चाहती है कि बिहार की बेटियां सिर्फ स्कूल-कॉलेज तक सीमित न रहें, बल्कि रिसर्च और उच्च शिक्षा में भी अपना नाम रोशन करें।
महिला सुरक्षा में बिहार बना पहला राज्य
महिला सुरक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पुलिस दीदी की व्यवस्था की गई है। स्कूल-कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, ऐसा करने वाला बिहार पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। हर थाने में महिला हेल्प डेस्क, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और पुलिस दीदी जैसी व्यवस्था से महिलाओं में सुरक्षा का भाव बढ़ा है। बेटियां बेखौफ होकर स्कूल-कॉलेज जा रही हैं।
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CM ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय तथा महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने में आयोग की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण बिहार की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है। मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस पर आयोग से जुड़ी सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा विश्वास व्यक्त किया कि आयोग अपनी स्वर्ण जयंती तक महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकार एवं सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया।