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सम्राट चौधरी ने जमुई पीड़िता की फोटो शेयर की, तेजस्वी ने CM को बताया नासमझ

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जमुई जिले में छेड़छाड़ की शिकार हुई नाबालिग लड़की के मामले को लेकर विवादों में आ गए हैं।

samrat chaudhary

तेजस्वी यादव और संम्राट चौधरी।

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जमुई जिले में छेड़छाड़ की शिकार हुई नाबालिग लड़की के मामले को लेकर विवादों में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पीड़ित नाबालिग को परिवार सहित मिलने के लिए लोकसेवक आवास में बुलाया था। सीएम ने इस मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर दी, जिसके बाग वह विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के निशाने पर आ गए हैं। 

 

पीड़िता अपने परिजनों के साथ गुरुवार को मुख्यमंत्री से मिलने पटना पहुंची, जहां उन्होंने परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने तथा स्पीडी ट्रायल के जरिए एक महीने के भीतर सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर पीड़िता और उसके परिजनों के साथ अपनी एक फोटो शेयर की थी, जिसे कुछ ही देर बाद हटा लिया गया।

 

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सीएम सम्राट पर साधा निशाना

आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए सीएम सम्राट पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को मूर्ख और अयोग्य बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

तेजस्वी ने कहा क्या है?

तेजस्वी ने लिखा, ' नासमझ, अनाड़ी, कानून विरोधी बिहार के मुख्यमंत्री खुद पॉक्सो एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की परिजनों संग अपने सोशल मीडिया हैंडल से तस्वीर जारी कर पीड़िता की पहचान उजागर कर रहे है। पॉक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012) के तहत पीड़ित बच्चे या नाबालिग की पहचान को गुप्त रखना कानूनन अनिवार्य है और इसे सार्वजनिक करना गंभीर अपराध है।' 

 

 

 

 

उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री को इस जुर्म के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए अन्यथा फिर पॉक्सो एक्ट को मानेगा कौन? सातवीं फेल सात हत्याओं का आरोपी मुख्यमंत्री बनाने पर ऐसे ही कानून का उल्लंघन होते रहेगा। ऐसे लोग कानून के रक्षक नहीं भक्षक है।

 

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मीसा भारती ने भी साधा निशाना

आरजेडी सांसद मीसा भारती ने भी वही स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बिहार पुलिस से मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर पुलिस पीड़िता की निजता भंग करने के आरोप में वायरल वीडियो साझा करने वालों पर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने स्वयं नाबालिग की पहचान उजागर कर दी। हालांकि, इस मामले पर सत्तारूढ़ NDA के नेताओं ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पूरा मामला क्या है?

बता दें कि बीते शनिवार की शाम जमुई में कोचिंग से लौट रहे एक युवक और नाबालिग लड़की को कुछ युवकों ने रास्ते में रोक लिया था। दोनों को घेरकर पूछताछ की गई और किशोरी के साथ मारपीट तथा छेड़छाड़ की गई, जिसके बाद उन्हें जाने दिया गया। 


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