logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बिहार के इस जिले में मिली 4 करोड़ की हेरोइन, छह तस्कर भी हत्थे चढ़े

बिहार पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अब तक छह तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह का संचालन बंगाल की एक जेल से किया जा रहा है।

Bihar News

प्रतीकात्मक फोटो। (AI-generated image)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

बिहार में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ पूर्णिया और कटिहार पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने करीब चार करोड़ रुपये की एक किलो 950 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इस दौरान छह तस्करों को गिरफ्तार कर तीन वाहन, छह मोबाइल फोन और एक लाख रुपये की नगदी भी जब्त की।

लंबे समय से सक्रिय था गिरोह  

पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से बिहार और पश्चिम बंगाल में सक्रिय था। संगठित तरीके से मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस ने मौके से एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो एन और एक हुंडई वेन्यू कार बरामद की है। गिरफ्तार तस्करों में पूर्णिया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिलौरी स्तडोभ गांव का मोहन कुमार, गोपालगंज बिलौरी गांव का सदानंद कुमार उर्फ शंकर और शिवम कुमार ठाकुर उर्फ टकला शामिल है।

 

यह भी पढ़ें: CBI ने एक और अधिकारी को दबोचा, IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा 504 करोड़ का घोटाला

धमदाहा, भागलपुर और अररिया में तस्करी हत्थे चढ़े  

इसके अलावा धमदाहा थाना के मंगोलिया पूर्णदाहा निवासी अविनाश कुमार उर्फ आकाश, भागलपुर जिले के कोतवाली थाने के खलीफाबाग निवासी सन्नी कुमार उर्फ समीर और अररिया जिले के कुरसाकांटा थाना के डोभीया गांव निवासी अमरीश कुमार यादव को भी पकड़ा गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।

क्या-क्या हुआ मिला  

पुलिस ने कुल मिलाकर लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य की एक किलो 950 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इसके साथ एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो एन, एक हुंडई वेन्यू, छह मोबाइल फोन और एक लाख रुपये की नकदी जब्त की है। मोबाइल फोन की जांच से कई और तस्करों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

बंगाल जेल से चल रहा था पूरा नेटवर्क  

प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का संचालन कथित रूप से मालदा जेल में बंद तस्कर गौरव शाह और पूर्णिया निवासी साजन चौधरी के इशारे पर किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार साजन चौधरी नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र से हेरोइन मंगाता था। उसे स्मैक और ब्राउन शुगर के रूप में तैयार कर बिहार और बंगाल के कई इलाकों में खपाया जाता था। 

 

जांच एजेंसियों का कहना है कि साजन चौधरी पूर्व में भी मादक पदार्थ तस्करी के कई मामलों में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने फिर से नेटवर्क खड़ा कर लिया। मालदा जेल में बंद गौरव शाह से उसकी लगातार बात होती थी। वहीं से खेप कहां भेजनी है, इसका निर्देश मिलता था।

 

यह भी पढ़ें: कहीं धंस रहा रोड, कहीं हाइवे..., बारिश होते ही सूरत में सड़कों का बुरा हाल

फरार आरोपियों की तलाश तेज  

मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। बैंक खातों और संपत्ति की भी जांच की जाएगी। 

 

एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सीमावर्ती जिलों में खास नजर रखी जा रही है। नॉर्थ ईस्ट से आने वाली खेप पर रोक लगाना पहली प्राथमिकता है।

 

पुलिस का मानना है कि यह गिरोह खासकर युवाओं को नशे की लत में फंसा रहा था। स्कूल-कॉलेज के आसपास स्मैक और ब्राउन शुगर की पुड़िया बेची जा रही थी। एक पुड़िया पांच सौ से हजार रुपये तक में बिकती थी। इस कार्रवाई से नशे के बड़े नेटवर्क की कमर टूटने की उम्मीद है।


और पढ़ें