मध्य प्रदेश के उज्जैन में नाग पंचमी और सावन सोमवार के मौके पर सोमवार को महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी दौरान मंदिर परिसर के पास हरसिद्धि चौराहे पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। बैरिकेडिंग टूटने और टेंट गिरने से कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है। घायलों को इलाज के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद उज्जैन कलेक्टर और SP समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
बताया जा रहा है कि बैरिकेड में करेंट फैलने की अफवाह के बाद अचानक श्रद्धालुओं में डर फैल गया। इसके बाद भीड़ का दबाव बढ़ गया और कुछ बैरिकेड टूट गए। हालांकि, महाकाल मंदिर प्रशासन ने मंदिर के अंदर भगदड़ या किसी तरह की अव्यवस्था होने से इनकार किया है। प्रशासन का कहना है कि मंदिर में दर्शन सामान्य रूप से जारी रहे।
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मंदिर प्रशासन ने क्या कहा?
महाकाल मंदर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने ANI से कहा कि नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन लगातार जारी हैं। उन्होंने बताया कि नाग पंचमी और सावन सोमवार एक साथ होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दोपहर 12 बजे तर 6 लाख से ज्यादा श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर और 2 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके थे। प्रशासन के मुताबिक, श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं और सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
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चश्मदीद श्रद्धालुओं ने सुनाई आपबीती
मंदिर प्रशासन के दावे के बीच हरसिद्धि चौराहे के आसपास श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर सामने आई। एक महिला ने ANI को बताया कि उनका बेटा दर्शन के लिए जाते समय बैरिकेड के नीचे दब गया। महिला के मुताबिक एक व्यक्ति ने उसे वहां से निकालकर स्वास्थ्य शिविर तक पहुंचाया।
घायल श्रद्धालु सागर ने ANI से बताया कि वह कई घंटे से लाइन में खड़ा था। हरसिद्धि चौराहे पर करीब दो घंटे इंतजार के बाद अचानक बैरिकेड खोल दिए गए, जिससे भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। उसने कहा कि टेंट और बैरिकेड एक साथ गिर गए, जिससे उसके दोों पैर दब गए और एक पैर में फ्रैक्चर हो गया।
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कई इलाकों में बढ़ा भीड़ का दबाव
उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर, नीकलंठ चौराहा और कर्कराज पार्किंग से हरसिद्धि प्रवेश द्वार तक भी भीड़ का दबाव बढ़ने की सूचना मिली। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया। नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी पर 24 घंटे के लिए खुलता है। ऐसे में इस दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार नाग पंचमी के साथ सावन सोमवार होने से भीड़ और बढ़ गई।