महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल ने छात्र से इसलिए जुर्माना लिया क्योंकि वह टिफिन में मेथी की सब्जी लेकर आया था। बच्चों के अभिभावकों के अनुसार, यह नियम स्कूल के प्रशासन ने तब बनाया, जब जैन धर्म का पर्युषण पर्व मनाया जा रहा था। इस पर्व के दौरान खान-पान की चीजों का खास ख्याल रखा जाता है। पर्व की वजह से यह नियम बनाया गया। स्कूल के इस नियम को देखकर छात्रों के अभिभावकों ने नाराजगी जताई। जब इस मामले में स्कूल के नियम के बारे में शिक्षा विभाग को पता चला तो शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस भेजा। स्कूल की ओर से इस मामले को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है।
यह मामला मुंबई के ठाणे के मीरा भयंदर पूर्व स्थित तपोवन स्कूल का है, जहां छात्रों को मेथी की सब्जी न लाने की हिदायत दी गई। छात्रों के परिवार के मुताबिक, स्कूल के प्रशासन ने सिर्फ टिफिन में मेथी की सब्जी लाने से ही नहीं रोका है, बल्कि स्कूल में हरी सब्जियां खाने से भी रोका गया। साथ ही परिवार ने आरोप लगाया कि स्कूल के प्रशासन ने बच्चों को स्कूल की कैंटीन से खाना खाने की सलाह दी है।
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क्या है पूरा मामला?
जब एक छात्र टिफिन में मेथी की सब्जी ले गया, तब स्कूल के टीचर ने बच्चे की कॉपी में अभिभावकों के लिए लिखा कि हरी मेथी की सब्जी स्कूल में नहीं लाना है। इसके बाद छात्र को मेथी की सब्जी नहीं खाने दी गई। इसके बजाय कैंटीन से खाना लाकर छात्र को दिया गया। कैंटीन का खाना दिलाने के लिए स्कूल के स्टाफ ने बच्चे से 20 रुपये लिए थे।
इस मामले को देखने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने स्कूल के प्रशासन के खिलाफ विरोध किया। साथ ही शिक्षा विभाग से इस मामले की जांच करने की मांग की थी। इस संगठन ने स्कूल के नियम के खिलाफ शिक्षा विभाग को पत्र भेजा, जिसमें साफ तौर पर लिखा गया कि पर्युषण पर्व के प्रति सम्मान है, हालांकि पर्व के नाम पर बच्चों के खान-पान के लिए नियम बनाना गलत है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस भेजा है, जिसके जरिए स्कूल से इस नियम को लेकर जवाब मांगा गया है। अभी तक स्कूल की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
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जैन धर्म का पर्युषण पर्व
जैन धर्म में पर्युषण पर्व बेहद खास माना जाता है। इस दौरान जैन धर्म के लोग कुछ नियम निभाते हैं, जिस दौरान जमीन से उगी पत्तेदार सब्जियों समेत आलू, लहसुन, चुकंदर और मूली का त्याग किया जाता है। इस मामले में छात्रों के अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल में पत्तेदार सब्जियां खाने पर रोक लगाई गई।