गन्ने के भाव बढ़ाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को दिवाली से पहले सौगात देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अगले दो साल के लिए गन्ने का भाव बढ़ा दिया है। वर्ष 2026-27 के पेराई सीजन में लिए गन्ने का भाव 430 प्रति क्विंटल तय किया गया है। अगले वर्ष 2027-28 में इसे बढ़ाकर 450 प्रति क्विंटल कर दिया जाएगा। इस बढ़ोतरी से चीनी मिलों में गन्ने की पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध होगा साथ ही किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
गन्ने के भाव में बढ़ोतरी से किसानों की प्रति एकड़ आय में हर सीजन 10 हजार से 11,500 रुपये तक की वृद्धि होगी। हरियाणा में बढ़ोतरी करने के बाद भी पंजाब के मुकाबले यह कीमत कम है। पंजाब में 416 रुपये प्रति क्विंटल का भाव है। पंजाब में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी भी दी जाती है।
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किसी ने किया स्वागत तो किसी ने बताया मामूली बढ़त
कुछ किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है तो कुछ किसान इससे ज्यादा खुश नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि लगातार महंगाई बढ़ने से खेती का खर्चा बढ़ा है, लेकिन गन्ने का भाव उस हिसाब से काफी कम है। किसानों का कहना है कि सरकार ने गन्ने के भाव में मामूली बढ़त की है। खेती के बढ़ते खर्च के हिसाब से सरकार को गन्ने का भाव बढ़ाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके किसान
बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से किसान गन्ने का भाव बढ़ाने को लेकर मुलाकात भी कर चुके हैं। जिसको लेकर अब मुख्यमंत्री ने घोषणा कर दी है। 10 साल में गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की बात करें तो 140 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2014-15 में गन्ने का भाव 310 रुपए था। जिसमें साल दर साल कुछ-कुछ बढ़ोतरी होती रही है।