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मंत्री ही नहीं विधायकों को भी मिलेगी सरकारी कार, तमिलनाडु के CM विजय का एलान

तमिलनाडु के विधायकों को अब सरकारी गाड़ी मिलेगी और इसके साथ ही ड्राइवर और तेल का खर्च भी सरकारी खजाने से मिलेगा। सीएम विजय ने विधानसभा में यह जानकारी दी है।

Tamil Nadu CM Vijay

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, Photo Credit: ANI

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में एक बड़ी घोषणा की है। अब तमिलनाडु सरकार मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ-साथ विधायकों को भी सरकारी गाड़ी देगी। सीएम विजय ने बताया कि सरकार सभी विधायकों के लिए सरकारी गाड़ी उपलब्ध करवाएगी। सरकार का तर्क है कि विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनता से जुड़े काम करने और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से सभी विधायकों को सरकारी वाहन की सुविधा दी जाएगी। 

 

सरकार की योजना के मुताबिक, विधायकों को गाड़ी के साथ ईंधन और ड्राइवर से जुड़ी सुविधा या भत्ता भी दिया जाएगा। इससे विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्रों में लगातार दौरे करने और लोगों की समस्याओं को मौके पर जाकर समझने में मदद मिलेगी। इससे पहले भी विधायकों की ओर से क्षेत्रीय कामकाज के लिए बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई थी।

 

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पहली बार चुने गए विधायकों को भी फायदा

इस फैसले से खास तौर पर पहली बार निर्वाचित विधायकों को राहत मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई नए विधायक विधानसभा और अपने निर्वाचन क्षेत्र के बीच आने-जाने के लिए निजी या किराये के वाहनों पर निर्भर थे। सरकार का मानना है कि परिवहन की सुविधा मिलने से विधायक अपने क्षेत्रों में अधिक आसानी से पहुंच सकेंगे और जनसेवा से जुड़े कामों को और ज्यादा तेजी से किया जा सकेगा। 

ड्राइवर और तेल का पैसा भी मिलेगा

सीएम विजय ने बताया कि सरकारी गाड़ी के साथ-साथ विधायकों को ड्राइवर और तेज से जुड़े खर्च के लिए भी सहायता मिलेगी। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कई विधायक, विशेषकर पहली बार चुने गए जनप्रतिनिधि, अपने क्षेत्रों में जाने के लिए बसों से यात्रा करते हैं या निजी टैक्सी किराए पर लेते हैं। इससे उन्हें अपनी आय का बड़ा हिस्सा परिवहन पर खर्च करना पड़ता है। 

विधायकों ने की थी मांग

सरकारी गाड़ी की मांग लगातार विधायक कर रहे थे लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी ने भी सीएम के सामने प्रस्ताव नहीं रखा था। कुछ दिन पहले कट्टुमानारकोइल से वीसीके विधायक एलई जोथिमानी ने इस मांग को सार्वजनिक तौर पर रखा था। सरकार का भी मानना है कि विधायक का काम सिर्फ विधानसभा तक ही सीमित नहीं है बल्कि अपने क्षेत्र में जाने के लिए भी विधायकों को सुविधा मिलनी चाहिए।

 

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सरकारी गाड़ी के ना होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी पहली बार चुने गए विधायकों को ही हो रही है। 234 सदस्यीय विधानसभा में करीब 146 विधायक पहली बार निर्वाचित हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या टीवीके से जुड़े विधायकों की बताई जा रही है। नवनिर्वाचित विधायकों का कहना है कि सरकारी वाहन नहीं होने के कारण उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनता और अधिकारियों से मिलने में परेशानी होती है।

खजाने पर बढ़ेगा बोझ

सभी विधायकों को सरकारी कार देने के फैसले से तमिलनाडु सरकार के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ना तय है। गाड़ी खरीदने के साथ ईंधन, ड्राइवर और रखरखाव जैसे खर्च भी सरकार को उठाने होंगे। हालांकि, सरकार ने अभी इस पूरी योजना की कुल लागत या प्रत्येक विधायक पर होने वाले खर्च का विस्तृत आंकड़ा जारी नहीं किया है। 


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