logo

मूड

ट्रेंडिंग:

प्रयागराज में UP STF का बड़ा एक्शन, एक करोड़ की नशीली दवाएं बरामद

UP के जिला प्रयागराज में STF ने 19 हजार शीशी कोडीन सिरप और नशीली दवाओं सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें रिपोर्ट।

 accused are Amit, Ashutosh, and Ankesh.

पकड़े गए आरोपी अमित, आशुतोष, अंकेश, Photo Credit : Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

 उत्तर प्रदेश के जिला प्रयागराज में यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अवैध कोडीन कफ सिरप और नशीली जेनेरिक दवाओं की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। एसटीएफ ने औषधि विभाग की टीम के साथ एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कटहुला गौसपुर में छापेमारी कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 19,338 शीशी कोडीन कफ सिरप (ONEREX ब्रांड), अलग-अलग ब्रांड की 61,600 नशीली जेनेरिक गोलियां, तस्करी में इस्तेमाल टाटा नेक्सॉन कार, 95 खाली बोरियां और ग्राइंडर टूल किट बरामद हुई है। बरामद दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कटहुला गौसपुर में विवेक श्रीवास्तव के किराए के मकान में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं की खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर यूपी एसटीएफ ने कौशाम्बी के ड्रग इंस्पेक्टरों को साथ लेकर मकान पर छापा मारा। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अयोध्या निवासी आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी तथा प्रयागराज निवासी अंकेश प्रजापति और अमित प्रजापति के रूप में हुई है।

 

यह भी पढ़ें: हाथरसः घर में रिटायर्ड फौजी-पत्नी की धारदार हथियार से हत्या

फर्जी फर्म बनाकर दिल्ली से मंगाते थे दवाएं

पूछताछ में एसटीएफ के मुताबिक गिरोह के सदस्यों ने बताया कि कोडीन कफ सिरप हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित विग्स बायोटेक में तैयार होता है। गिरोह के एक अन्य सदस्य जतिन मिश्रा उर्फ शिवम मिश्रा ने नई दिल्ली के मंगोलपुरी पते पर नोवोट्रिक्स लाइफसाइंसेज नाम की फर्जी फर्म बना रखी थी। इसी फर्म के जरिए प्रयागराज और वाराणसी की मेडिकल फर्मों के नाम पर फर्जी बिल्टी और दूसरे दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इसके बाद दिल्ली से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से कोडीन कफ सिरप और नशीली जेनेरिक गोलियों की खेप मंगाई जाती थी।

बैच नंबर मिटाकर सप्लायर की पहचान छिपाने की कोशिश

एसटीएफ के अनुसार, गिरोह के सदस्य पकड़े जाने से बचने और दवाओं के सप्लायर की पहचान छिपाने के लिए कफ सिरप की शीशियों पर दर्ज बैच नंबर ग्राइंडर मशीन से मिटा देते थे। इसके बाद सिरप की शीशियों को सफेद बोरियों में भरकर टाटा नेक्सॉन कार से आगे पहुंचाया जाता था।आरोपी इन दवाओं को प्रयागराज के लीडर रोड के थोक दवा कारोबारियों और स्थानीय बाजारों में भारी मुनाफे पर बेचते थे।एसटीएफ के मुताबिक गिरोह अवैध कोडीन सिरप को नशे के तौर पर खपाकर होने वाले मुनाफे को आपस में बांटता था। बड़ी मात्रा में बरामद सिरप और नशीली गोलियों के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

 

यह भी पढ़ें: प्रेमानंद के शिष्य की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, कई सवाल अनसुलझे

2 अन्य आरोपियों और दवा कारोबारियों की तलाश

गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रयागराज के एयरपोर्ट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। जांच में जतिन मिश्रा उर्फ शिवम मिश्रा के साथ लीडर रोड से जुड़े उन दवा कारोबारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिनके जरिए नशीली दवाओं की खेप बाजार तक पहुंचाई जाती थी।एसटीएफ की कार्रवाई से साफ है कि प्रयागराज में अवैध कोडीन कफ सिरप और नशीली दवाओं की सप्लाई का नेटवर्क सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि फर्जी फर्म, फर्जी दस्तावेज, ट्रांसपोर्ट और थोक दवा बाजार के जरिए अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित किया जा रहा था।

Related Topic:#Crime News

और पढ़ें