उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत गांवों तक बस सेवा शुरू कर दी है। शुरुआती दौर में प्रदेश के 70 जिलों में 80 मिनी बसों का संचालन शुरू कर दिया है। सरकार 59 हजार ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने के लक्ष्य के साथ यह कदम बढ़ा रही है। इस योजना का गांव के लोगों की सीधा लाभ मिलेगा और उनको सवारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण अपने ब्लॉक, तहसील और जिले में जा सकेंगे। अभी गांव के लोगों को सफर करने के लिए टेंपो, टैक्सी या ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ता था और इससे दुर्घटनाएं भी ज्यादा होती थीं।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहना है कि यह योजना निजी बस संचालकों के जरिए चलाई जा रही है। योजना के तहत अधिकतम 28 सीट की बसें चलाई जा रही है। बसों के रूट काजिला स्तरीय चयन समिति निर्धारण करेगी। सभी बसों के मार्ग और संचालन की जानकारी भी जल्द ही जारी की जाएगी। निर्धारित मानकों के अनुसार बसों का आर्डर भी दे दिया गया है।
यह भी पढ़ें: ब्राह्मण रूठे, अब दलितों को साधेगी सपा, अखिलेश यादव की योजना क्या है?
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस योजना के शुरू होने से स्थानीय ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और ट्रांसपोर्टर के कारोबार से जुडे़ लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। बस संचालन में ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर और अन्य कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार की मंशा है कि ग्रामीणों को यातायात की सुविधा मिलेगी और इलाके के लोग अपने घर में ही रहकर रोजगार पा सकेंगे। इसको लेकर ही मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरूआत की गई है।
858 बस ऑपरेटर कर चुके आवेदन
योजना का लाभ पाने के लिए 70 जनपदों से 858 बस आपरेटरों के आवेदन चयनित किए जा चुके है। जिलों से लगातार आवेदन भी आ रहे है। सरकार की मानें तो मुख्यमंत्री ग्राम परियोजना का लक्ष्य शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। इस संबंध में परिवहन मंत्री और निगम के अधिकारियों की ओर से कडे़ दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।