logo

मूड

ट्रेंडिंग:

मोबाइल EMI नहीं चुकाई तो युवक को बनाया बंधक, 5 दिन काम कराया; खून भी निकाला

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निगोहां में मोबाइल EMI को लेकर 27 वर्षीय युवक को 5 दिन बंधक बनाकर जबरन काम कराने का आरोप है। परिवार का आरोप है कि उसका ब्लड बैंक में खून भी निकलवाया गया।

representative image of blood bank

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Chatgpt

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निगोहां इलाके में मोबाइल की EMI को लेकर 27 वर्षीय युवक को कथित तौर पर घर से उठाकर पांच दिन तक बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि इस दौरान युवक से जबरन काम कराया गया। इतना ही नहीं आरोपी उसे एक ब्लड बैंक भी ले गए, जहां उसकी इच्छा के खिलाफ एक यूनिट खून निकलवाने का आरोप है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

परिवार के मुताबिक, आरोपियों ने पहले युवक के भाई से मोबाइल की 2,799 रुपये की बकाया EMI मांगी। रकम ऑनलाइन भेजने के बाद भी युवक को नहीं छोड़ा गया और 12 हजार रुपये अतिरिक्त मांगे गए। आरोप है कि परिवार को धमकी दी गई कि पुलिस से शिकायत करने पर युवक की हत्या कर शव गोमती नदी में फेंक दिया जाएगा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन युवक को छोड़ गया।

 

यह भी पढ़ें: '14-14 घंटे कट लग रहे', पंजाब में बिजली संकट गहराया, सरकार घिरी, विपक्ष आक्रामक

21,500 रुपये का मोबाइल EMI पर खरीदा था

नवल के बड़े भाई राजकुमार के मुताबिक, करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल खरीदा गया था। फोन जीरो डाउन पेमेंट पर 12 महीने की EMI पर लिया गया था। हर महीने 2,799 रुपये की किस्त तय थी। राजकुमार का आरोप है कि मोबाइल खरीदने के करीब एक महीने बाद दुकान के कर्मचारी उनके घर पहुंचे और फोन अपने साथ ले गए। इसके बाद EMI को लेकर परिवार पर दबाव बनाया जाता रहा।

 

यह भी पढ़ें: कटिहार में ट्रेन से 4 विदेशी धराए, म्यांमार के युवक के साथ 3 नाबालिग लड़कियां

 

नवल की मां जदुराई ने आरोप लगाया कि 8 सितंबर को दो लोग स्कूटर से गांव पहुंचे और उनके बेटे को जबरन अपने साथ ले गए। परिवार के अनुसार, आरोपी पहले उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले गए जहां कथित तौर पर उसका एक यूनिट खून निकाला गया। इसके बाद नवल को सदर इलाके के एक घर में ले जाया गया। परिवार का दावा है कि उसे करीब पांच दिन तक वहीं रखा गया और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान उसे जबरन मजदूरी भी कराई गई।

EMI देने के बाद भी मांगे 12 हजार

परिवार के अनुसार, नवल को अपने कब्जे में रखने के बाद आरोपियों ने उसके भाई राजकुमार को फोन कर 2,799 रुपये की EMI मांगी। राजकुमार ने ऑनलाइन रकम भेज दी और भाई को छोड़ने के लिए कहा। आरोप है कि इसके बावजूद नवल को नहीं छोड़ा गया और 12 हजार रुपये और मांगे गए।

 

यह भी पढ़ें: गया में पितृपक्ष मेला की तैयारी तेज, मंत्री ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

 

परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। उनका आरोप है कि शुरुआत में थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नवल की मां सोमवार को DCP कार्यकाल पहुंचीं। DCP मोहम्मद मुशताक ने निगाहां थाना प्रभारी को तत्काल FIR दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। दक्षिण जोन के अपर DCP वसंत कुमार रल्लापल्ली ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति और शुभम सिंह के खिलाफ BNS की धाराओं 143(3), 146, 127(3) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Related Topic:#UP News#State News

और पढ़ें