हरियाणा में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है और बारिश की कोई संभावना नहीं है। 24 अक्टूबर के आसपास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी हरियाणा पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हरियाणा में इन दिनों का मौसम फसलों के लिए नुकसानदायक नहीं है। किसान इन दिनों आलू, गोभी, सरसों जैसी फसलों की बिजाई और रोपाई कर सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बना हुआ है। ऐसे में दोपहर के समय धूप में गर्माहट और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रहेगी। महेंद्रगढ़ और नारनौल क्षेत्र में भी दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है।
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न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज
महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं नारनौल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान फरीदाबाद में 32.8 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा हिसार में 32.5, सिरसा में 32.3, चंडीगढ़ में 32.4 और भिवानी में 30.7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं, नारनौल में रात का तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक रहा। महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान गुरुग्राम के फर्रुखनगर में 15.6 डिग्री दर्ज किया गया।
वहीं हिसार में न्यूनतम तापमान 17.5, करनाल में 16.5, रोहतक में 18.6 और चंडीगढ़ में 17.3 डिग्री रहा। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
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फसलों पर मौसम का असर
एग्रीकल्चर विभाग करनाल के डिप्टी डायरेक्टर जसविंद्र सिंह ने बताया कि इस मौसम में किसी भी फसल को नुकसान नहीं है। हालांकि, बरसात की संभावना नहीं है, अगर बरसात आती है तो ठंड जल्द बढ़ेगी। जिससे गन्ने में मिठास ज्यादा बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि किसान इन दिनों सरसों और जो की बिजाई करें। हालांकि, गेहूं की बिजाई कुछ लेट हुई है। गेहूं की बिजाई किसानों को नवंबर से शुरू करनी चाहिए। वहीं किसान इन दिनों आलू की बिजाई, गोभी की रोपाई कर सकते हैं।