संत निरंकारी मिशन की मुखिया सुदीक्षा उर्फ माता सुदीक्षा की कार नेशनल हाइवे 44 के मुरथल फ्लाइओवर के पास हादसे का शिकार हो गई थी। इस केस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज हो चुकी है। कार की भिडंत एक स्कॉर्पियो से हो गई थी। जिस गाड़ी से उनकी कार को टक्कर लगी थी, वह हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला है। पुलिस ने यह नया खुलासा किया है।
युवक सोनीपत से मुरथल के एक ढाबे पर गाड़ी लेकर जा रहा था, तभी उसकी स्कॉर्पियो सुदीक्षा महाराज की गाड़ी से जा टकराई। गाड़ी और युवक दोनों की पहचान ली गई है। हरियाणा की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) इस केस की जांच कर रही है।
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कहां हादसा हुआ?
1 जनवरी को संत निरंकारी मंडल का काफिला सुदीक्षा के साथ दिल्ली से भक्ति निवास समालखा के लिए रवाना हुआ था। यह आवास, पानीपत में है। रात करीब 10.13 बजे उनका काफिला मुरथल फ्लाइओवर के ऊपर पहुंचा, तभी पीछे से एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार सुदीक्षा की कार को बाईं ओर से टक्कर मार दी।
गाड़ी के बाएं हिस्से में टकराई थी। कार के अंदर बैठे लोगों को झटका लगा था लेकिन कोई चोटिल नहीं हुआ था। पुलिस शिकायत में कहा गया था कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी। हरियाणा नंबर की गाड़ी थी। मुरथल थाने में 3 जनवरी को शिकायत दी गई थी। भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 125 और 324 (5) के तहत केस दर्ज किया गया था।
पुलिस की जांच में क्या पता चला?
स्कॉर्पियो ड्राइवर की पहचान सुमित के तौर पर हुई थी। सुमित सोनीपत के IIT चौक के पास रहता है। वह मौके से फरार नहीं हुआ था। कार से टच होकर गाड़ी आगे निकल गई थी। पुलिस केस की पड़ताल में जुटी है।
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निरंकारी मिशन के लोग क्या चाहते हैं?
निरंकारी मिशन के लोग घटना के निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। निरंकारी मिशन का एक दुखद इतिहास यह रहा है कि संत निरंकारी मिशन के पूर्व मुखिया बाबा हरदेव सिंह की मौत 13 मई 2016 को कनाडा के मॉन्ट्रियाल के पास एक सड़क दुर्घटना में हुई थी। वह न्यूयॉर्क से मॉन्ट्रियाल जा रहे थे, जब उनकी कार हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई।
दुर्घटना में कार कई बार पलटी और बाबा हरदेव सिंह और उनके दामाद अवनीत सेतिया की मौत हुई थी। वह सुदीक्षा के पति थे। हरदेव सिंह की मौत के बाद पत्नी माता सविंदर हरदेव जी मिशन की मुखिया बनीं। साल 2018 में उनकी मौत हुई थी। अब मिशन की जिम्मेदारी सुदीक्षा के पास है।