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कौन था ब्रिजेश गंझू? UP में एनकाउंटर में मारा गया 30 लाख का इनामी नक्सली

झारखंड के कुख्यात नक्सली ब्रिजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह एनकाउंटर में मारा गया। उसपर झारखंड सरकार ने  25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा था।

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ब्रिजेश गंझू, Photo Credit-Social Media

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झारखंड के कुख्यात नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का प्रमुख और कमांडर ब्रिजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह एनकाउंटर में मारा गया। ब्रिजेश गंझू पर झारखंड सरकार ने  25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा था। आज सुबह 4 00 बजे के करीब एंटी टेररिस्ट स्क्वाड  ATS के साथ मुठभेड़ में वाराणसी के रामनगर थाना इलाके में ब्रिजेश गंझू मारा गया।  

 

DSP विपिन राय के मुताबिक, सूचना मिली थी कि ब्रिजेश गंझू रामनगर होते हुए मुगलसराय की तरफ जा रहा है। इसके बाद टीम के कमांडोज ने घेराबंदी की लेकिन पकड़े जाने के डर से उसने दोनों हाथों से पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में वह मारा गया। 

 

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कौन था ब्रिजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह? 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बृजेश गंझू (46) झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र का रहने वाला था। वह काफी समय से ठिकाने और नाम बदल-बदल कर रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड में गोपाल सिंह भोक्ता, दुलारचंद गंझू, रंजन, फुलचंद गंझू और सरदार जैसे नाम दर्ज हैं। वह लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में एक्टिव था, केवल चतरा में ही उस पर 39 केस दर्ज हैं। 

 

बताया जा रहा है कि पहले वह बीड़ी पत्ता के ठेकेदारों से वसूली करता था। बाद में वह सीसीएल की आम्रपाली और मगध कोयला परियोजनाओं के शुरू होने के बाद कोयला खनन में लगी कंपनियों से वसूली करने लगा। वह ट्रांसपोर्टरों, कोयला खनन कंपनियों और ठेकेदारों से वसूली कर रहा था।  झारखंड सरकार ने उसपर 25 लाख और NIA ने 5 लाख रुपए का इनाम रखा था। 

नक्सली संगठन से बगावत कर बनाया अपना गुट  

नक्सली संगठन 'भाकपा माओवादी' से बगावत कर 2004 में उसने अपना अलग गुट बनाया था। इसके बाद धीरे-धीरे उसने झारखंड के चतरा, रांची, हजारीबाग समेत कई जिलों में अपनी बैठ बनाई। इसके अलावा उसने अपना नेटवर्क बिहार के कुछ हिस्सों में भी फैलाया। बाद में 2010 में वह लावालौंग पंचायत से निर्विरोध मुखिया चुना गया। 20 साल तक TSPC और माओवादियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चली।  

 

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2 पिस्टल और कई जिंदा कारतूस मिले

बृजेश गंझू के पास से ATS ने दो पिस्टल बरामद किए हैं। इसके अलावा, उन्हें कई जिंदा कारतूस और खोखे भी मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ATS ने उसकी डेडबॉडी को लाल बहादुर शास्त्री पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया है। कार्रवाई के बाद ATS और स्थानीय पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। 


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