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HC ने कहा, 'सरकारी कैंटीन क्यों नहीं करते चेक', अगले दिन IAS ने रेड डाल दी

IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन मुंबई (FDA) के आयुक्त हैं। उन्होंने हाई कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद कोर्ट की ही कैंटीन में रेड कर दी।

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IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे, Photo Credit: Social Media

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महाराष्ट्र कैडर के चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा की वजह उनकी मौजूदा पोस्टिंह के दौरान की गई कार्रवाई और मुंबई हाईकोर्ट की एक टिप्पणी बनी है। कोर्ट ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई को लेकर पूछा कि कार्रवाई सिर्फ प्राइवेट होटल और रेस्टोरेंट पर ही क्यों हो रही है, सरकारी कैंटीनों की जांच क्यों नहीं की जा रही। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक होटल की याचिका पर सुनवाई के दौरान की थी। इस टिप्पणी के अगले ही दिन FDA की टीम ने मुंबई हाईकोर्ट परिसर की कैंटीन का निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का नेतृत्व खुद FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने किया।

 

हाल के दिनों में महाराष्ट्र FDA ने मुंबई, पुणे और अन्य शहरों में कई बड़े होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी। कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन मिलने पर लाइसेंस निलंबित किए गए और कार्रवाई की गई। इसी दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या FDA सिर्फ प्राइवेट होटलों और कैंटीन की जांच कर रहा है या सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों की कैंटीनों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। 

 

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अगले ही दिन किया निरीक्षण

कोर्ट की इस टिप्पणी के अगले दिन FDA की टीम मुंबई हाईकोर्ट कैंटीन पहुंची। निरीक्षण के दौरान कैंटीन में लाइसेंस और रिकॉर्ड से जुड़ी कमियां तथा स्वच्छता संबंधी कई खामियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और सुधार के निर्देश दिए गए। 

 

बता दें कि तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA ने मई 2026 से राज्यभर में बड़े पैमाने पर खाद्य सुरक्षा अभियान शुरू किया। इस दौरान हजारों निरीक्षण किए गए और कई प्रतिष्ठित होटलों, डेयरी और खाद्य इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई हुई। मुंबई के कई चर्चित रेस्टोरेंट और होटलों  के लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए। एक होटल में दो कॉकरोच मिलने के कारण उसका लाइसेंस रद्द कर दिया था। इसी होटल ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने इस कार्रवाई को उचित नहीं माना और कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। इसी दौरान कोर्ट ने पूछा था कि सराकारी कैंटीनों पर इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। 

राज्य स्तर पर चलाया अभियान

तुकाराम मुंढे वर्तमान में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन मुंबई (FDA) के आयुक्त हैं। उन्होंने 25 मई 2026 को इस पद का कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने पूरे राज्य में मिलावट, असुरक्षित खाद्य पदार्थों और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया। उनका अभियान 'सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्रा' के नाम से चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई हैं।

 

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21 साल बार ट्रांसफर

तुकाराम मुंढे साल 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं। अपनी सख्त प्रशासनिक शैली और नियमों के कड़ाई से पालन के कारण उनका नाम महाराष्ट्र के सबसे चर्चित अफसरों में लिया जाता है। पिछले 21  सालों की सेवा में उनका 25 बार ट्रांसफर हो चुका है। यही वजह है कि उन्हें अक्सर सबसे ज्यादा ट्रांसफर झेलने वाले ईमानदार अधिकारियों में गिना जाता है। 

 

अपने प्रशासनिक करियर में तुकाराम मुंढे ने महाराष्ट्र के कई जिलों और विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे नगर निगम आयुक्त, जिला कलेक्टर, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक विभागों में काम कर चुके हैं। जहां भी उनकी नियुक्ति हुई, वहां उन्होंने पारदर्शिता, अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कई मौकों पर उनके फैसलों को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुए, जिसके बाद उनका तबादला कर दिया गया।

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