मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन शुरू हो चुका है। बुधवार को किसानों ने भोपाल स्थित सीएम आवास की तरफ कूच किया। पुलिस ने उन्हें सीएसआईआर-एएमपीआरआई संस्थान के पास रोक लिया। किसानों ने यह मार्च नर्मदापुरम से शुरू किया था। अब किसान नर्मदापुर हाईवे पर बैठे हैं। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की खरीद और खाद की खरीद पर ई-टोकन सिस्टम को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
किसानों और सरकार के बीच मंगलवार रात वार्ता हुई, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों पर सरकार संवेदनशील है। सभी मुद्दों को जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: आपको नहीं समझ आतीं Gen Z की स्लैंग वाली बातें? इन शब्दों के अर्थ जान लीजिए
वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने सड़क किनारे अपना डेरा डाल दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक वह यहां डटे रहेंगे। उनका कहना है कि वे सात दिनों का राशन अपने साथ लाए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने रात में सड़क किनारे ही खाना बनाया और रात बिताई। किसानों के प्रदर्शन के कारण नर्मदापुरम हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। इलाके में जाम जैसी स्थिति देखने को मिली।
कुछ स्कूलों में छुट्टी, रूट डायवर्ट
प्रदर्शन के कारण प्रशासन ने भोपाल के कई स्कूलों में बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी। कुछ मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया, ताकि जाम से निपटा जा सके। न्यूज एजेंसी एएनआी के मुताबिक नर्मदापुरम रोड की ओर से आने वाले वाहनों को 11 माइल बाईपास, खजूरी कला, एसओएस रोड और पिपलानी होते हुए डायवर्ट किया गया है। मिसरोद गांव और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के बीच स्थित कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को कोलार और 10 नंबर तक पहुंचने के लिए बावड़िया कलां पुल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी: नई SIT ने तेज की जांच, अनिल मिश्रा से होगी पूछताछ
इसके अलावा एमपी नगर से नर्मदापुरम रोड की ओर जाने वाले यात्रियों को गोविंदपुरा-पिपलानी, पटेल नगर या खजूरी कला मार्ग का इस्तेमाल करने को कहा गया है। एम्स जाने वालों को कटारा हिल्स, बागसेवानिया होते हुए आरएलएल पुल के नीचे से बाएं की सलाह दी गई है।
किसानों की यह पदयात्रा नर्मदापुरम जिले से आरंभ हुई। सोमवार देर शाम सीहोर जिले के बुधनी पहुंची। मंगलवार रात को किसानों का जत्था भोपाल पहुंचा। संयुक्त किसान मोर्चा पदयात्रा की अगुवाई कर रहा है। मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और कहा, किसानों की प्रमुख मांगों विशेषकर मूंग खरीद से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
- एमएसपी पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद
- खाद पर ई-टोकन व्यवस्था खत्म हो
- समय पर और उचित मूल्य पर खाद मिले
भारी पुलिस तैनात, ताकि किसान आगे न बढ़ सके
जहां पर किसानों को रोका गया है, वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अन्य जिलों से भी जवानों को बुलाया गया। भारी बैरिकेडिंग करके किसानों को रोका गया, ताकि वह सीएम आवास की तरफ न बढ़ सके। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में सहायक पुलिस आयुक्त आदित्य राज सिंह ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अवरोधक लगाए गए हैं और यातायात मार्ग डायवर्जन प्रभावी है। वरिष्ठ स्तर पर बातचीत चल रही है। जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक महीने तक सड़क पर बने रहेंगे: किसान
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए किसान दीपक जाट ने बताया, 'हमने बुधनी और नर्मदापुरम से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए अपनी पदयात्रा शुरू की थी। आज हमारे मार्च का तीसरा दिन है। किसान शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक तरीके से भोपाल की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हमें रोक दिया और हर संभव तरीके से परेशान किया।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह एक दिन या दस दिन की लड़ाई नहीं है। अगर सरकार हमारी मांगों को मानने में एक महीना भी लगाती है, तो किसान एक महीने तक इस सड़क पर बने रहेंगे। हमारी मांगें हैं कि एमएसपी पर 100 प्रतिशत मूंग की खरीद और ई-टोकन प्रणाली को खत्म किया जाए।'