दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल
, सिविल लाइंस स्थित 6 फ्लैगस्टाफ रोड के पास बने सरकारी बंगले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी उसे 'शीशमहल' कहकर चुनावों में अरविंद केजरीवाल को घेरती रही है। अब सरकार बदलने के बाद उसी 'शीशमहल' को सरकार अतिथि गृह और सांस्कृतिक केंद्र बनाने की तैयारी में है।
इस बंगले को मेहमानों के ठहरने, बैठकें करने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जाएगा। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बंगले में अतिथि कमरे, कॉन्फ्रेंस हॉल, मीटिंग स्पेस और एक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जहां अलग-अलग सांस्कृतिक, कलात्मक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और सरकारी समारोह आयोजित किए जा सकेंगे।
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बड़ा कॉम्प्लेक्स बनाने की हो रही तैयारी
बंगले के बगल की खाली जगह को भी विकसित करके पूरा कॉम्प्लेक्स बड़ा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) को बंगले की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। पिछले हफ्ते कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होनी थी, लेकिन EV पॉलिसी के कारण टल गई। जल्द ही इस प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
क्यों 'शीशमहल' के साथ ऐसा होगा प्रयोग?
दिल्ली में अभी कोई अलग से राज्य अतिथि गृह नहीं है। इसलिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के ठहरने और मेहमाननवाजी के लिए अक्सर दिक्कत होती है। सरकार का कहना है कि अगर यह बंगला बन गया तो सरकार की मुश्किल का हल निकल जाएगा।
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क्यों विवादों में रह है यह बंगला?
यह बंगला 2015 से करीब 10 साल तक केजरीवाल परिवार का आधिकारिक आवास रहा। AAP सरकार के दौरान इसके नवीनीकरण को लेकर भारी विवाद हुआ था। भारतीय जनता पार्टी ने इसे 'शीश महल' कहकर चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया था।
2024 से ही खाली पड़ा है यह बंगला
CAG रिपोर्ट में भी इसके खर्च पर सवाल उठे थे। अक्टूबर 2024 में केजरीवाल के यहां से निकलने के बाद बंगला खाली पड़ा था। अब नई सरकार इसे उपयोगी बनाने की योजना बना रही है।