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संजय सिंह और तेज प्रताप यादव में ठन क्यों गई, 50 करोड़ का मानहानि नोटिस क्यों?

तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि दिल्ली एक होटल में बिहार सरकार में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता संजय सिंह ने एक महिला के साथ बदसुलूकी की है।

Tej Pratap Yadav

बिहार सरकार में मंत्री और जन शक्त जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव। Photo Credit: Social Media

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जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को बिहार सरकार में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के सीनियर नेता संजय सिंह ने 50 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। उन पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने दिल्ली के एक होटल स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया है और 25 लाख रुपए देकर मामले को रफादफा करने की कोशिश की है।

तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर भी संजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान तक यह मामला पहुंच गया है। उन्होंने कहा है कि अगर यह सच पाया जाता है तो वह खुद उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ऐसी गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: तेज प्रताप के आरोपों पर मंत्री संजय सिंह का पलटवार, भेजा 50 करोड़ का नोटिस

चिराग पासवान, अध्यक्ष, लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास):-
अगर मेरी पार्टी का आदमी इसमें दोषी निकला तो न सिर्फ उसको पद मुक्त किया जाएगा,न सिर्फ पार्टी से उन्हें दूर किया जाएगा बल्कि उनको कड़ी से कड़ी सजा मिले इसमें अहम भूमिका हमारी होगी।

नेज प्रताप को 50 करोड़ का मानहानि नोटिस क्यों मिला?

महुआ से लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के विधायक संजय कुमार सिंह ने रविवार को तेज प्रताप यादव को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने तेज प्रताप से बिना शर्त माफी मांगने और 50 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। आरोप है कि तेज प्रताप ने सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक मंचों पर संजय सिंह के खिलाफ झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए। नोटिस में कहा गया है कि तेज प्रताप नोटिस मिलने के सात दिन के अंदर आपत्तिजनक सामग्री वापस लें। तेज प्रताप यादव ने संजय सिंह की कथित तस्वीरें शेयर की थीं। तेज प्रताप से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और पोस्ट का आधार बताने की मांग की गई है। 

तेज प्रताप ने ऐसा क्या लिखा था?

तेज प्रताप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि महुआ विधायक संजय सिंह पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। उन्होंने लिखा कि संजय सिंह पर दिल्ली के एक होटल में एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने और उसका शोषण करने की कोशिश का आरोप है। दावा है कि होटल कर्मचारियों ने स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप किया और मामला 25 लाख रुपये देकर दबा दिया गया। 

तेज प्रताप ने कहा कि अगर आरोप सच हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जनता को सच जानने का अधिकार है। दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। तेज प्रताप ने 'चप्पल थैरेपी पार्ट-1' नाम से एक तस्वीर भी पोस्ट की। इसमें 5 महिलाएं संजय सिंह जैसे दिखने वाले व्यक्ति को चप्पलों से पीट रही हैं और वह कह रहे हैं, मुझे माफ कर दीजिए। तस्वीर में लिखा था कि संजय सिंह को चप्पलों से पीटा जा रहा है।

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संजय सिंह और तेज प्रताप की ठनी क्यों रहती है?

तेज प्रताप 2015 से 2020 तक महुआ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर महुआ से चुनाव लड़ा था लेकिन संजय सिंह से हार गए थे। संजय सिंह के वकील सुशील कुमार ने 11 पन्नों का यह नोटिस रजिस्टर्ड पोस्ट, ईमेल और व्हाट्सऐप से भेजा है।

नोटिस में क्या कहा गया है?

नोटिस में कहा गया है कि तेज प्रताप ने 29 अगस्त को अपने वेरिफाइड अकाउंट @TejYadav14 से एक्स और फेसबुक पर लापरवाह, सनसनीखेज, झूठे और बेहद मानहानिकारक आरोप लगाए। इसमें कोई तथ्य या सबूत नहीं है। इसका मकसद संजय सिंह की सार्वजनिक छवि गिराना है। ये आरोप गंभीर आपराधिक अपराध और नैतिक पतन के हैं। यह राजनीतिक आलोचना, निष्पक्ष टिप्पणी या सद्भावना वाला बयान नहीं है। यह जानबूझकर चरित्र हनन है। 

कौन है पीड़िता?

नोटिस में कहा गया है कि तेज प्रताप ने किसी शिकायतकर्ता, पीड़िता, गवाह, होटल, तारीख, शिकायत या एफआईआर का नाम नहीं बताया। मनगढ़त बात है और जांच की मांग सिर्फ चरित्र हन करना है। नोटिस में आरोप है कि तेज प्रताप जानबूझकर यह पोस्ट किया जिससे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया इसे फैलाए। 

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संजय सिंह खुद इन आरोपों पर क्या कह रहे हैं?

संजय सिंह का कहना है कि ऐसी कोई घटना कभी हुई ही नहीं। यह सिर्फ बिहार सरकार के मंत्रिमंडल को बर्बाद करने की कोशिश है। 

क्या है मामला?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि बिहार के एक मंत्री ने दिल्ली के एक पॉश होटल की महिला कर्मचारी को अभद्र प्रस्ताव दिया। दावा था कि महिला ने उन्हें पीटा और मामला बड़ी रकम देकर निपटा दिया गया। इन संदेशों में मंत्री का नाम नहीं था। तेज प्रताप आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें संजय सिंह ने जन से मारने की धमकी दी है। वह अपने लिए सुरक्षा मांग रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिए अभी सिर्फ एक अंगरक्षक दिया गया है।


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