मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा इलाके के कोसमी गांव में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ही सरकार पर भड़क गए। आदिवासियों के घर पर बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में शिवराज सिंह चौहान धरने पर बैठ गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वन विकास निगम की कार्रवाई में गांव में लंबे समय से रह रहे आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े दिए गए। राज्य सरकार का कहना है कि वन विकास निगम सीहोर के वन कक्ष 426 में 2021 में प्लांटेशन किया गया था, जहां 10 आदिवासी परिवारों ने प्लांटेशन नष्ट कर खेती शुरू कर दी और झोपड़ी बना लिया।
इसी मामले मे इन सभी के खिलाफ वन अपराध का केस दर्ज था, सबको बेदखली का नोटिस दिया गया और अवैध झोपड़ी को हटाने की कार्यवाही की गई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुंच गए। उन्होंने घरों को तोड़े जाने, फसलों के नुकसान और पानी के कुएं को मिट्टी से भरने के आरोपों पर अधिकारियों पर सख्त नाराजगी जताई है।
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अपनी ही सरकार पर भड़के शिवराज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा, 'मेरे निर्वाचन क्षेत्र ने जुल्म और अन्याय की हदें पार होते देखी हैं। जो घर आज सुबह तक खुशहाल थे, जहां कभी बच्चों की खिलखिलाहट गूंजती थी, वे अब उनकी चीखों से भरे हुए हैं। महिलाएं रो रही हैं और दुख में अपनी छाती पीट रही हैं। उनके घर तोड़ दिए गए, उनकी फसलें मलबे के नीचे दब गईं, उनकी कड़ी मेहनत की कमाई बर्बाद हो गई और उनके कुएं पाट दिए गए।'
शिवराज सिंह ने कहा, 'ये घर बरसों से खड़े थे लेकिन आज ये लोग बेघर और बेसहारा हो गए हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोग पूरी तरह बेरहम और संवेदना-शून्य हैं, मैं तो उनसे कहता हूं, तुम्हारे बच्चे बिलखेंगे तो तुम्हे कैसा लगेगा, तुम्हारे बच्चे नहीं हैं क्या, तुम्हारे घर नहीं हैं क्या? यह अन्याय की चरम सीमा है, और भगवान भी दोषियों को माफ नहीं करेंगे।'
उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि हम पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश करेंगे। 'मैं मुख्यमंत्री के सामने भी पूरी स्थिति रखूंगा, इस तबाही को अंजाम देने वाले वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि इंसान के रूप में कोई भी राक्षस दोबारा कभी ऐसी बर्बरता या अन्याय करने की हिम्मत न करे।
पहले रोक चुके थे शिवराज सिंह चौहान
बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले ही इन गरीब आदिवासी परिवारों के घर न तोड़ने को लेकर अधिकारियों को कहा था लेकिन अधिकारियों ने नहीं मानी और नवरात्र के पहले दिन ही दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया, खेतों में खड़ी फसलें चौपट कर दीं। इसलिए शिवराज सिंह चौहान वन विभाग और निगम अधिकारियों से और ज्यादा नाराज हो गए हैं। अब शिवराज सिंह ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों को टारगेट पर लिया है।
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CM से बात करने और नए घर देने का किया वादा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने सारी स्थिति रखूंगा, यह तो अति है। फॉरेस्ट स्टाफ के जितने लोगों ने उन लोगों के साथ तोड़-फोड़ की, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी भी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी नाराजगी जाहिर की।
इसके साथ ही शिवराज सिंह ने वादा किया है कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।