उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिनों के लिए वाराणसी दौरे पर है जहां वह एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिमों की जांच की जानी चाहिए और वहां महिलाओं की सुविधा के लिए महिला ट्रेनर का होना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने साफ किया कि प्रदेश के सभी जिमों की पूरी जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां कोई भी नियम के खिलाफ काम नहीं हो रहा है। यह फैसला हाल ही में कुछ जिमों में सामने आई धर्मांतरण की शिकायतों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और जो जिम इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सीएम ने क्या कहा?
सीएम योगी ने प्रशासन से कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या धर्म परिवर्तन जैसे मामलों पर नजर रखी जानी चाहिए। दोषियों के साथ-साथ इसमें शामिल पुलिसकर्मियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए।
क्यों लिया गया यह फैसला?
वाराणसी और आसपास के जिलों में जिम की आड़ में लड़कियों के धर्मांतरण के गंभीर मामले सामने आए थे। पुलिस ने इस मामले में एक पुलिसकर्मी सहित कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इसी खतरे को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके तहत महिलाओं को जिम में सुरक्षित माहौल देने के लिए अब वहां महिला ट्रेनर रखना जरूरी होगा।
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सीएम के अन्य निर्देश
केवल बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि राज्य के हर छोटे-बड़े जिम की प्रोफाइल और वहां काम करने वाले लोगों के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। साथ ही जिम में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और महिलाओं के लिए अलग टॉयलेट की सुविधा होना भी अनिवार्य है।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिम के भीतर किसी भी प्रकार की धार्मिक संबंधी गैर-कानूनी काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।