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घर या दुकान में लगे CCTV कैमरे से बार-बार नहीं आएगा अलर्ट, AI की मदद से होगा काम

घर या ऑफिस में लगे सिक्योरिटी कैमरों का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग गैर जरूरी नोटिफिकेशन और अलर्ट से परेशान हो जाते हैं। अब AI आधारित कैमरे इस परेशानी को खत्म करने वाले हैं।

AI CCTV

सांकेति तस्वीर, Photo Credit: AI

घर या ऑफिस में लगे सिक्योरिटी कैमरों का चलन अब भारत में बढ़ रहा है। इन कैमरों से जुड़ी एक आम शिकायत हमेशा रही है कि बहुत ज्यादा नोटिफिकेशन आते हैं और उनमें से ज्यादातर बेकार होते हैं। कभी पेड़ की टहनी हिली, कभी कोई जानवर सामने से निकल गया, कभी हल्की रोशनी बदली और फोन पर अलर्ट आ गया। धीरे-धीरे लोग इतने अलर्ट देखने लगते हैं कि असली खतरे वाली सूचना भी कई बार नजरअंदाज हो जाती है। अब इसी समस्या को खत्म करने के लिए AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस नए सिक्योरिटी कैमरे तेजी से सामने आ रहे हैं। 

 

नई जनरेशन के AI कैमरे पारंपरिक CCTV की तरह सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड नहीं करते, बल्कि वीडियो को समझने की कोशिश भी करते हैं। इन कैमरों में ऐसे एल्गोरिद्म लगाए जा रहे हैं जो अलग-अलग एक्टिविटी की पहचान कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर कैमरा यह समझ सकता है कि सामने कोई इंसान है, गाड़ी है, डिलीवरी पैकेज रखा गया है या सिर्फ सामान्य हलचल हो रही है। इसके बाद वही घटनाएं प्राथमिकता में आती हैं जो वास्तव लोगों के लिए जरूरी हो सकती हैं। 

 

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जरूरी मैसेज ही भेजेगा AI

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा कम लेकिन जरूरी अलर्ट माना जा रहा है। पहले जहां हर मूवमेंट पर फोन बज जाता था, वहीं अब AI सिस्टम संदिग्ध एक्टिविटी, अनजान व्यक्ति की मौजूदगी या तय किए गए व्यवहार पैटर्न में बदलाव होने पर ही मैसेज भेज सकता है। इससे लगातार फुटेज देखने या हर नोटिफिकेशन चेक करने की जरूरत कम हो जाती है।

ये खासियत भी होगी 

AI कैमरों का उपयोग सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है। कई आधुनिक मॉडल चेहरे पहचानने, पुराने रिकॉर्ड को सर्च करने, किसी खास घटना को तेजी से सर्च करने और तय गतिविधियों पर आधारित अलर्ट देने जैसे फीचर्स भी उपलब्ध करा रहे हैं। अगर घर में कोई नियमित सदस्य आता है तो कैमरा उसे पहचान सकता है, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति की एंट्री पर तुरंत अलर्ट भेज सकता है। 

कैसे होगी स्टोरेज?

इसके पीछे क्लाउड कंप्यूटिंग और एज प्रोसेसिंग जैसी तकनीकों का भी बड़ा योगदान है। कैमरे अब कई बार डेटा को सीधे सर्वर पर भेजने के बजाय उसी डिवाइस स्तर पर प्रोसेस कर लेते हैं। इससे प्रतिक्रिया तेज होती है और गैर जरूरी स्टोरेज की जरूरत भी कम हो सकती है। 

 

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डेटा सुरक्षा पर चिंता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्मार्ट कैमरे खरीदते समय सिर्फ AI शब्द देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कैमरे की पहचान क्षमता, प्राइवेसी कंट्रोल, डेटा सुरक्षा, सॉफ्टवेयर अपडेट और कंपनी की डेटा पॉलिसी जैसे पहलुओं को समझना जरूरी है। क्योंकि जितनी स्मार्ट निगरानी होगी, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी डेटा सुरक्षा की भी होगी। डेटा सुरक्षा की चिंता को छोड़ दें तो स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी के बढ़ते दौर में यह बदलाव एक बड़े ट्रेंड की तरफ इशारा करता है कि भविष्य में कैमरे सिर्फ देखने का काम नहीं करेंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि आपके लिए क्या जरूरी है और क्या नहीं। 


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