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WhatsApp के यूजरनेम फीचर से क्यों टेंशन में सरकार? मेटा से बातचीत के लिए बुलाया

व्हाट्सएप जल्द ही एक नया यूजरनेम फीचर लॉन्च करने वाला है। इस फीचर ने सरकार के अंदर चिंता बढ़ा दी है, जिसके कारण उसने मेटा को बातचीत के लिए बुलाया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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व्हाट्सएप जल्द ही अपने करोड़ों यूजर्स के लिए यूजरनेम (Username) फीचर लाने वाला है। इस फीचर की मदद से लोग बिना अपना मोबाइल नंबर बताए भी एक-दूसरे से चैट कर सकेंगे। अब इस फीचर के लॉन्च होने से पहले ही भारत सरकार ने इसे लेकर चिंता जताई है। सरकार का कहना है कि अगर इस फीचर का गलत इस्तेमाल हुआ, तो ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने और साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

 

इसी वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) जल्द ही मेटा और व्हाट्सएप के अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में यूजरनेम फीचर से पैदा होने वाले सुरक्षा से जुड़े खतरे, कानून-व्यवस्था पर इसके असर और इन चुनौतियों से कैसे निपटा जाए, इस पर विस्तार से बात होगी। सरकार का साफ कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

 

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फर्जी पहचान बनाकर ठगी का खतरा

दूरसंचार विभाग (DoT) और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यूजरनेम फीचर आने के बाद किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी असली पहचान छिपाना आसान हो जाएगा। ऐसे में साइबर अपराधी किसी सरकारी अधिकारी, संस्था या प्रतिष्ठित व्यक्ति के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को धोखा दे सकते हैं।

 

अधिकारियों ने आशंका जताई है कि कोई व्यक्ति विदेशी नंबर से अकाउंट बनाकर किसी बड़े सरकारी अधिकारी की फोटो और मिलते-जुलते यूजरनेम का इस्तेमाल कर फर्जी कॉल या मैसेज भेज सकता है। इससे लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

 

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जांच एजेंसियों के सामने बढ़ेंगी चुनौतियां

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अभी अगर किसी संदिग्ध का मोबाइल नंबर दिख जाता है, तो उसकी पहचान और लोकेशन का पता लगाना काफी आसान होता है। अगर व्हाट्सएप में सिर्फ यूजरनेम ही दिखाई देगा और मोबाइल नंबर छिपा रहेगा तो अपराधियों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा।

 

जांच एजेंसियों का यह भी कहना है कि कई मामलों में व्हाट्सएप जरूरी जानकारी देने में काफी देर करता है। इसकी वजह से साइबर अपराधों की जांच प्रभावित होती है और अपराधियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है।

 

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व्हाट्सएप ने क्या दी सफाई?

मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप का कहना है कि यूजरनेम फीचर लाने का मकसद यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत करना है। इस फीचर की मदद से लोग किसी नए व्यक्ति या किसी ग्रुप में जुड़ते समय अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी चैट कर सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, इस हफ्ते से यूजर्स अपना पसंदीदा यूजरनेम रिजर्व कर सकेंगे। वहीं, साल के आखिर तक यह फीचर सभी यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया जाएगा।

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