मैसेजिंग ऐप्स में आने वाले यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार अब सख्त हो गई है। व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा को नोटिस भेजने के बाद अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस जारी कर दिया है। सरकार ने दोनों कंपनियों से उनके यूजरनेम फीचर के बारे में पूरी जानकारी मांगी है।
सरकार को आशंका है कि यह नया फीचर साइबर अपराधियों के लिए फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगने का नया जरिया बन सकता है। इसी वजह से मंत्रालय यह जानना चाहता है कि कंपनियों ने यूजरनेम फीचर में पहचान की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों को रोकने के लिए क्या सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
यह भी पढ़ें: 20 साल बाद Google छोड़ेंगे 'फादर ऑफ द इंटरनेट' विंटन सर्फ, जानें कौन हैं
व्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर भी उठे सवाल
केंद्र सरकार ने बुधवार को मेटा को भेजे गए नोटिस में कहा था कि व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग और फर्जी पहचान से जुड़े मामलों को बढ़ावा दे सकता है। व्हाट्सएप की योजना के अनुसार, यूजर अपने मोबाइल नंबर की जगह '@' से शुरू होने वाले यूजरनेम के जरिए चैट और कॉल कर सकेंगे। इससे मोबाइल नंबर शेयर किए बिना बातचीत संभव होगी। सरकार का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को सरकारी संस्था, बैंक, सार्वजनिक विभाग या किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलता-जुलता यूजरनेम रखने की अनुमति मिल जाती है तो उसका गलत इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से ठगा जा सकता है।
सरकार ने मेटा से इस फीचर पर तीन दिन के अंदर डिटेल में जवाब मांगा है। साथ ही निर्देश दिया है कि जब तक सरकार की आपत्तियों का संतोषजनक समाधान नहीं हो जाता, तब तक भारत में इस फीचर को लागू न किया जाए।
यह भी पढ़ें: WhatsApp यूजरनेम फीचर से क्यों टेंशन में है सरकार? मेटा से 3 दिन में मांगा जवाब
मेटा ने सुरक्षा इंतजामों का दिया भरोसा
मेटा ने सरकार की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यूजरनेम फीचर अभी भारत में शुरू नहीं हुआ है और इसे इस वर्ष के अंत तक फेज वाइज लॉन्च किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि उसने धोखाधड़ी रोकने के लिए कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थानों, सेलिब्रिटी और मेटा के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े प्रमुख यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि कोई उनकी नकल कर फर्जी पहचान न बना सके।
गौरतलब है कि हाल ही में टेलीग्राम भी चर्चा में रहा था। जून में
NEET
-UG री-एग्जाम से पहले भारत में इस प्लेटफॉर्म पर एक हफ्ते के लिए बैन लगा दिया गया था। अब सरकार तीनों प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर की सुरक्षा और उसके संभावित दुरुपयोग को लेकर करीबी नजर बनाए हुए है।