बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों के लिए अगले कुछ दिन मुश्किल भरे साबित हो सकते हैं। एक तरफ 21 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच कुछ शहरों में स्थानीय छुट्टियों के चलते बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, वहीं दूसरी तरफ 28 सितंबर से बैंक यूनियनों की 3 दिवसीय हड़ताल भी शुरू हो रही है। इस हड़ताल से पहले वीकेंड की छुट्टी भी पड़ रही है। ऐसा हो सकता है कि लगातार 5 दिन बैंक के काम बाधित रहें।
बैंक की छुट्टियों और हड़ताल की आशंका को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है। बैठक का मकसद हड़ताल के दौरान बैंकिंग कामकाज और जरूरी ग्राहक सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने के उपायों पर चर्चा करना है।
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21 से 27 सितंबर तक किस दिन कहां बंद रहेंगे बैंक?
बैंक शाखाओं की छुट्टियां पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। क्षेत्रीय त्योहारों की वजह से कुछ शहरों में शाखाएं बंद रहती हैं, जबकि उसी बैंक की दूसरे शहर की शाखा सामान्य रूप से खुली रहती है। इस हफ्ते इन तारीखों पर बैंक बंद रह सकते हैं-
- 21 सितंबर: गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेव का जन्मोत्सव, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में श्री नारायण गुरु समाधि दिवस
- 22 सितंबर: रांची में करमा पूजा
- 23 सितंबर: जम्मू और श्रीनगर में महाराजा हरि सिंह जी की जयंती
- 25 सितंबर: मुंबई में गणपति विसर्जन, असम के गंगटोक में इंद्रजात्रा
- 26 सितंबर: महीने का चौथा शनिवार, पूरे देश में बैंक बंद
- 27 सितंबर: रविवार, पूरे देश में बैंक बंद
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का लीव सिस्टम बैंकिंग सेंटर और क्षेत्रीय दफ्तरों के हिसाब से तय होता है। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में हो सकता है कि इन छुट्टियों का असर न हो। स्थानीय शाखाओं पर इसका असर पड़ेगा।
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28 सितंबर से शुरू होगी 3 दिन की हड़ताल लेकिन क्यों?
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5 दिन के बैंकिंग सप्ताह और अन्य मांगों को लेकर 28 सितंबर से तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। 28 सितंबर से पहले वाले वीकेंड में पहले ही छुट्टियों की भरमार है, इसलिए यह हड़ताल लागू होने पर बैंकिंग सेवाएं लगातार 5 दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं। यह हड़ताल बैंकिंग सेक्टर की छमाही खाता बंदी के दौरान ही हो रही है। इससे पहले भी UFBU के बैनर तले बैंक यूनियनें अपनी मांगों को लेकर 11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जा चुकी हैं।
वित्त मंत्रालय को क्यों बुलानी पड़ी बैंक प्रमुखों की बैठक?
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैंकों को भेजी गई सूचना के अनुसार, इस बैठक में हड़ताल के दौरान बैंकिंग कामकाज और जरूरी ग्राहक सेवाओं को जारी रखने के उपायों पर चर्चा होगी। बैठक में हड़ताल के दौरान सेवाओं में रुकावट को कम से कम कैसे किया जाए और ग्राहकों को जरूरी सुविधाएं मिलती रहें।
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UFBU की और क्या मांगें हैं?
UFBU का दावा है कि बैंकिंग क्षेत्र में लगे 90 प्रतिशत कर्मचारियों और संस्थाओं का यह प्रतिनिधित्व करता है। यूनियन की अन्य मांगों में पेंशन का अपडेशन और सुधार, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला है। यह भी माांग की जा रही है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प मिले।
किन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर?
शाखा बंद होने का आमतौर पर डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ता। ग्राहक इस दौरान भी UPI पेमेंट्स, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, ATM सेवाएं और इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। RBI के अनुसार RTGS सेवा भी साल के 365 दिन, चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है, बैंक छुट्टी के दिन भी। हालांकि जिन सेवाओं के लिए बैंक स्टाफ से सीधे मिलना जरूरी होता है, उनके लिए ग्राहकों को शाखा खुलने का इंतजार करना पड़ सकता है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
बैंक सेवा से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर ग्राहकों को बैंक में फिजिकल दस्तावेज जमा करने हैं या शाखा से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो अपने नजदीकी शाखा से संपर्क करें।