सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग बोरसी (अंगीठी) या इलेक्ट्रिक हीटर का खूब इस्तेमाल करते हैं। बोरसी के पास सोना लोगों को आरामदायक लगता है लेकिन कई बार यह जानलेवा साबित हो जाती है। बिहार के गयाजी जिले के वजीरगंज से ऐसी ही एक बुरी खबर सामने आई जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। बताया गया कि बोरसी से निकले धुएं के कारण दम घुटने से उनकी जान चली गई। यह कोई अकेली घटना नहीं है बल्कि ऐसी खबरें समय-समय पर सामने आती रहती हैं।
अक्सर सवाल उठता है कि आखिर बोरसी से लोगों की जान क्यों चली जाती है और इसे 'साइलेंट किलर' क्यों कहा जाता है। दरअसल, बोरसी गर्मी देने के लिए इस्तेमाल की जाती है लेकिन जब इसे बंद कमरे में जलाया जाता है तो यह बेहद खतरनाक बन जाती है। इससे कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली और गंधहीन गैस निकलती है जो बिना एहसास कराए इंसान की जान ले सकती है।
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'साइलेंट किलर'
यह बात समझना आसान है कि जब बंद कमरे में कोयला, लकड़ी या गैस जलाई जाती है तो उन्हें जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इस कारण उससे कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और पानी (H₂O) के बजाय कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) बनने लगता है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है क्योंकि न इसका कोई रंग होता है और न ही कोई गंध इसलिए इसकी मौजूदगी का पता नहीं चल पाता।
यह गैस फेफड़ों के जरिए खून में पहुंच जाती है और ऑक्सीजन की तुलना में लगभग 200 गुना तेजी से हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है। इससे शरीर और दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचना रुक जाता है। गहरी नींद में व्यक्ति को यह महसूस भी नहीं होता कि उसका दम घुट रहा है और वह बेहोशी, कोमा या यहां तक कि उसकी मौत भी हो जाती है।
ऑक्सीजन की कमी
आग जलने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। बंद कमरे में बोरसी या हीटर लगातार जलने से कमरे की ऑक्सीजन खत्म होने लगती है। जैसे-जैसे ऑक्सीजन कम होती है, CO₂ और CO का स्तर बढ़ जाता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
हीटर से होने वाले अन्य नुकसान
सिर्फ बोरसी ही नहीं, बिजली से चलने वाले हीटर भी सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं:
- हीटर हवा की नमी को सोख लेते हैं। इससे स्किन में खुजली, आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या हो सकती है।
- अस्थमा या सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए सूखी हवा बेहद खतरनाक होती है, जिससे उन्हें दौरे या घुटन महसूस हो सकती है।
- नींद में अनजाने में रजाई या बिस्तर का कोई हिस्सा हीटर के संपर्क में आ जाए तो बड़ी आग लग सकती है।
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सुरक्षित रहने के लिए सावधानियां
- कमरे का वेंटिलेशन खुला रखें। पूरी तरह बंद कमरे में कभी न सोएं।
- सोने से पहले कमरा गर्म कर लें और फिर हीटर बंद कर दें।
- हीटर या बोरसी को बिस्तर के बहुत करीब न रखें।
- नमी बनाए रखने के लिए कमरे में एक बाल्टी या कटोरा पानी रखें।
- पूरी रात हीटर या अंगीठी जलाकर न छोड़ें।
- ऑयल हीटर का उपयोग करें जो हवा को ज्यादा नहीं सुखाते।